ईरान- इजराइल युद्ध का क्रिकेट पर अजीब असर, गेंदों की कमी से जूझ रहा इंग्लैंड, चैंपियनश‍िप से पहले मंडराया बड़ा खतरा

काउंटी चैंपियनशिप से पहले ड्यूक्स क्रिकेट गेंदों की सप्लाई में रुकावट आने की आशंका है. गेंदों की इस कमी से घरेलू रेड-बॉल प्रतियोगिता की तैयारियों पर असर पड़ने का खतरा है.

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ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड के मालिक दिलीप जाजोदिया ने इस स्थिति को एक बड़ा संकट बताया है (PC: Getty)

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ड्यूक्स क्रिकेट गेंदों की सप्लाई में रुकावट आने की आशंका.

काउंटी चैंपियनशिप से पहले इंग्लैंड के सामने खड़ी हुई समस्या.

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव की वजह से इंग्लैंड के क्रिकेट सीजन को एक अनोखी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.  ब्रिटिश अखबार 'द डेली मेल' के मुताबिक इस जंग के कारण काउंटी चैंपियनशिप से पहले ड्यूक्स क्रिकेट गेंदों की सप्लाई में रुकावट आने की आशंका है. गेंदों की इस कमी से घरेलू रेड-बॉल प्रतियोगिता की तैयारियों पर असर पड़ने का खतरा है, जो अप्रैल की शुरुआत में शुरू होने वाली है. 

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इंग्लिश क्रिकेट के लिए बेहद जरूरी 'ड्यूक्स बॉल' एक मुश्किल सप्लाई चेन पर निर्भर करती है, जो पश्चिम एशिया में चल रही जंग के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है. जहां एक ओर इस गेंद के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े को इंग्लैंड में तैयार किया जाता है, वहीं इसकी सिलाई भारतीय उपमहाद्वीप में होती है और तैयार गेंदों को आमतौर पर पश्चिम एशिया के हवाई रास्ते से ही भेजा जाता है. 

लॉजिस्टिक्स की वजह से समस्या


हवाई क्षेत्र में जारी पाबंदियों और लॉजिस्टिक्स में देरी के कारण कई बड़ी रुकावटें पैदा हो गई हैं. फैक्ट्रियों में माल भेजने के लिए तैयार होने के बावजूद माल की खेप फंसी हुई है. एयरलाइंस ने या तो अपनी उड़ानें कम कर दी हैं या फिर माल ढुलाई का किराया बहुत ज़्यादा बढ़ा दिया है. खबरों के मुताबिक यह किराया तीन गुना तक बढ़ गया है. 

ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड के मालिक दिलीप जाजोदिया ने इस स्थिति को एक बड़ा संकट बताया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि काउंटी टीमों को शायद इस सीजन की शुरुआत गेंदों की अपनी सामान्य आपूर्ति की तुलना में आधी आपूर्ति के साथ ही करनी पड़ सकती है. यह काउंटी चैंपियनशिप के लिए एक बड़ी चुनौती पेश बन गई है, जहां 18 टीमें खेलती हैं और बार-बार गेंद बदलने की जरूरत होती है.

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