करुण नायर साउथ जोन में नहीं खिलाने पर नाराज, टीम छोड़कर घर लौटे, लोकल टूर्नामेंट में लगाया शतक

कर्नाटक से आने वाले करुण नायर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने पर दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के पहले दिन की शाम में घर चले गए. इसके बाद उन्होंने 7 सितंबर को स्थानीय टूर्नामेंट में शतक लगाया.

Profile

SportsTak

अपडेट:

google-icon
karun nair

करुण नायर भारत के लिए टेस्ट में तिहरा शतक लगा चुके हैं. (Photo: Getty)

Story Highlights:

करुण नायर ने पिछले रणजी सीजन में कर्नाटक की ओर से 699 रन बनाए.

साउथ जोन की प्लेइंग इलेवन में करुण नायर पर रिकी भुई को तवज्जो दी गई.

करुण नायर को दलीप ट्रॉफी 2026 में साउथ जोन की ओर से स्क्वॉड में होने के बाद भी खेलने का मौका नहीं मिला. वे प्लेइंग इलेवन से बाहर ही रहे. उन्हें सेमीफाइनल में भी नहीं खिलाया गया और फाइनल में भी वे बाहर ही रहे. इससे नाराज होकर करुण नायर घर चले गए. बताया गया कि वे निजी कारणों से टीम से अलग हो गए. करुण नायर अभी कर्नाटक में स्थानीय टूर्नामेंट में खेल रहे हैं जहां उन्होंने शतक जड़ा.

भारत के खिलाफ T20I के लिए जापान स्क्वॉड का ऐलान, इन खिलाड़ियों को मिली जगह

करुण ने डॉक्टर (कैप्टन) के थिमपैया मेमोरियल टूर्नामेंट में 7 सितंबर को KSCA सेक्रेटरी इलेवन की तरफ से खेलते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक बनाया. उन्होंने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए मुकाबले में 183 गेंद का सामना किया और 104 रन की पारी खेली. इसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल रहा.

साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा ने करुण के टीम से अलग होने के बारे में कहा कि वह निजी कारणों से गए हैं. उन्होंने मेल किया था और कहा कि पारिवारिक कारणों के चलते वह घर जा रहे हैं. लेकिन करुण की सोशल मीडिया पोस्ट इससे अलग कहानी कहती है. उन्होंने एक खेल पत्रकार के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा, समझ से बाहर कहना तो बात पर पर्दा डालना होगा.

करुण ने पिछले रणजी सीजन में कर्नाटक की ओर से 699 रन बनाए. इस टीम के फाइनल तक जाने में उनका अहम रोल रहा था. वे 6 सितंबर को फाइनल के खेल के पहले दिन शाम को चेन्नई से बेंगलुरु लौट गए. साउथ जोन ने करुण को खिलाने की जगह रिकी भुई को वरीयता दी. वे मिडिल ऑर्डर में खेलते हैं लेकिन उनसे सेमीफाइनल में ओपनिंग कराई गई. भुई ने 5 और 42 रन बनाए. इस खिलाड़ी ने अभी तक खेले अपने 90 फर्स्ट क्लास मैचों में केवल तीन ही बार ओपनिंग की है.

वहीं वर्मा ने करुण को प्लेइंग इलेवन में नहीं लेने के बारे में कहा, असल में, हमने एक अच्छा कॉम्बिनेशन चुना क्योंकि हर टीम में दो बाएं हाथ के स्पिनर होते हैं. इसलिए, हमने सोचा कि मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ का बल्लेबाज़ होने से हमें उन पर हावी होने का अच्छा मौका मिलेगा. हमने टीम के लिए सबसे अच्छा क्या है, इस बारे में सोचा. जब देवदत्त पडिक्कल वापस आ गए हैं तो टीम कॉम्बिनेशन का मामला सामने आया. उन्हें (करुण को) बाहर रखना बहुत मुश्किल है लेकिन हमारे पास यही कॉम्बिनेशन है.

भारत के 4 चोटिलों की आई फिटनेस अपडेट, सुंदर फिट, जानिए बाकी 3 का क्या है हाल

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share