न्यूजीलैंड की ऑलराउंडर सूजी बेट्स 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो जाएंगी. उन्होंने 24 अप्रैल को यह जानकारी दी. सूजी बेट्स ने हाल ही में इंजरी से वापसी की है और वह इंग्लैंड की मेजबानी में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में खेलने को तैयार है. अभी न्यूजीलैंड महिला टीम का ऐलान इस टूर्नामेंट के लिए नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि 29 अप्रैल को स्क्वॉड की घोषणा होगी और यह बेट्स की स्कूल ओटेगो गर्ल्स हाई स्कूल में ही होना है. न्यूजीलैंड अभी टी20 वर्ल्ड कप की डिफेंडिंग चैंपियन टीम है.
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बेट्स ने 2003 में 15 साल की उम्र में डेब्यू किया था. तीन साल बाद यानी 2006 में वह न्यूजीलैंड की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने में सफल रही. उनके नाम महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 4717 रन हैं. महिला वनडे में उन्होंने 5964 रन बनाए और यहां वह चौथे पायदान पर है. जुलाई 2011 में बेट्स को न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी मिली थी. सात साल तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली.
सूजी बेट्स ने संन्यास का ऐलान करते हुए क्या कहा
बेट्स ने संन्यास का फैसला लेते हुए कहा, 'जब मैं बीते 20 सालों को देखती हूं तो मुझे विश्वास ही नहीं होता कि समय कितना जल्दी बीत गया. मुझे बहुत गर्व है कि मैंने इतनी बार न्यूजीलैंड की जर्सी पहनी हैऔर इस टीम के लिए एक बेहतर इंसान, साथी खिलाड़ी, क्रिकेटर और एथलीट बनने के लिए हर दिन प्रयास करने में मुझे अपार उद्देश्य और आनंद मिला है. मेरा एक अंतिम लक्ष्य है- ब्रिटेन जाना - एक ऐसी जगह जहां मेरी कई खास यादें बसी हैं - और एक और विश्व कप जीतना. मैं इस अंतिम लक्ष्य के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगा दूंगी, हर मिनट इस टीम को उस तरह की क्रिकेट खेलने में मदद करने के लिए समर्पित करूंगी जिस पर हम और हमारा देश गर्व कर सके.'
सूजी बेट्स ने बास्केटबॉल से ओलिंपिक में लिया हिस्सा
बेट्स ओलिंपिक में भी खेल चुकी हैं. 2008 बीजिंग ओलिंपिक में उन्होंने बास्केटबॉल में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व किया था. बेट्स के संन्यास के ऐलान पर न्यूजीलैंड टीम की कप्तान एमिलिया कर ने कहा, 'बचपन में सूजी मेरी आदर्श थीं और किस्मत से मुझे उस टीम में खेलने का मौका मिला जब वह कप्तान थीं. अगर आपको कभी उनके साथ खेलने का सौभाग्य मिला है तो आप जानते होंगे कि वह दुनिया की सबसे निस्वार्थ क्रिकेटरों में से एक और सबसे बेहतरीन टीममेट हैं. उनका रिकॉर्ड खुद ही सब कुछ बयां करता है. उन्होंने क्रिकेट, महिला क्रिकेट और न्यूजीलैंड में खेल जगत के लिए जो कुछ किया है, उस पर बहुत गर्व होना चाहिए. व्हाइट फर्न्स परिवार में उनकी बहुत कमी खलेगी, लेकिन मुझे पता है कि उनमें अभी भी बहुत ऊर्जा बाकी है.'
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