8 महीने बाद वनडे खेलने उतरी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे को 9 विकेट से रौंदा, प्रतिका रावल ने 23 अक्टूबर वाले द‍िन फिर ठोका शतक

नवंबर 2025 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारत की दूसरी ही सीरीज थी. इससे पहले टीम इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ वनडे सीरीज खेली थी.

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किरण सिंह

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प्रतिका रावल ने अपना तीसरा वनडे शतक लगाकर भारत को जीत द‍िलाई (PC: Indian cricket team instagram)

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भारतीय महिला टीम करीब आठ महीने बाद वनडे मैच खेलने उतरी

जिम्बाब्वे के ख‍िलाफ अपने पहले वनडे मैच में 9 विकेट से जीत दर्ज की

भारत की महिला टीम भले ही करीब आठ महीनों से वनडे क्रिकेट नहीं खेली, मगर जब ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अपने पहले ही वनडे मैच में टीम मैदान पर उतरी तो लय की कोई कमी नहीं दिखी. नवंबर 2025 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारत की दूसरी ही सीरीज थी. इससे पहले टीम इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ वनडे सीरीज खेली थी. मौजूदा वनडे विश्व चैंपियन भारत ने वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में जिम्बाब्वे को आसानी से हराते हुए नौ विकेट से जीत दर्ज की. इसी के साथ तीन मैचों की सीरीज में भारत ने 1-0 से बढ़त भी बना ली. 

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एन श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने मिलकर सात विकेट लिए, जिससे जिम्बाब्वे की टीम 197 रन पर ऑलआउट हो गई. इसके बाद प्रतिका रावल ने अपना तीसरा वनडे शतक लगाकर भारत ने 22.5 ओवर शेष रहते ही जीत द‍िला दी. उन्होंने 23 अक्टूबर को एक बार फिर शतक लगाया. 2025 में इसी दिन भारत की ओपनर ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ महिला विश्व कप में अपना पहला शतक जड़ा था. उसके ठीक एक साल बाद रावल ने इसी तारीख पर एक और यादगार शतक लगाया और वडोदरा में खेले गए ऐतिहासिक मैच में भारत को जीत द‍िला दी. रावल 96 गेंदों पर 100 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि शेफाली वर्मा ने सिर्फ 33 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की तूफानी पारी खेली.

विश्व कप शतक की देखी हाइलाइट्स

जिम्बाब्वे के ख‍िलाफ बल्लेबाजी के लिए उतरने से पहले रावल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने विश्व कप शतक की हाइलाइट्स देखी और उस यादगार पारी से प्रेरणा ली थी. मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान रावल ने कहा कि बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले मैंने टीवी पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच की हाइलाइट्स देखीं. यह वही मैच था, जिसमें मैंने अपना पिछला शतक लगाया था, इसलिए उसी दिन एक और शतक लगा पाना बहुत खास रहा. 

चोटों से जूझ रही थी प्रतिका

प्रतिका के लिए यह शतक इसलिए भी और खास है, क्योंकि वह पिछले एक साल में चोटों से जूझ रही थी, जिसने उनके करियर में कई रुकावटें ला दी. बांग्लादेश के खिलाफ भारत के विश्व कप मैच के दौरान उनके दाहिने टखने और घुटने में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह सेमीफाइनल और फाइनल मैच नहीं खेल पाईं और वर्ल्ड कप से बाहर हो गई थीं. र‍िकवरी के कारण वह 2026 महिला प्रीमियर लीग भी नहीं खेल पाई थीं. जुलाई 2026 में इंग्लैंड 'ए' के ​​खिलाफ इंडिया 'ए' के ​​एक मैच के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लग गई. जिस वजह से वह इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले भारत के ऐतिहासिक टेस्ट मैच से बाहर हो गईं थी. 

94 रन की पार्टनरश‍िप


रावल ने स्मृति मांधना के साथ ओपन‍िंग की. मांधना के फुल टाइम कप्तान बनने के बाद यह पहला मौका था जब वह किसी वनडे मैच में टीम की कप्तानी कर रही थीं और उन्होंने भारत को एक शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों के बीच 94 रन की पार्टनरश‍िप हुई. मांधना 34 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुई. इसके बाद रावल को शेफाली वर्मा का साथ मिला. दोनों के बीच अटूट साझेदारी हुई. शेफाली ने 33 गेंदों में नॉटआउट 64 रन बनाए. विपक्षी टीम की गेंदबाजी भी काफी खराब रही. जोसेफिन नकोमो (जो चोट के कारण बाहर थीं) की जगह खेल रहीं नोमवेलो सिबांडा ने बार-बार पैड की लाइन पर गेंदबाजी की. स्पिनरों के डॉट बॉल फेंकना शुरू करने से पहले ही भारत ने पांच ओवर में बिना किसी नुकसान के 48 रन बना लिए थे. 

फिफ्टी के बाद बदला गियर


रावल को 45 रन के स्कोर पर मिडविकेट पर जीवनदार मिला. इसके बाद उन्होंने 54 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर अपनी बल्लेबाजी की गति बढ़ा दी. इस मुकाम के करीब पहुंचते हुए वह लगातार गैप ढूंढती रहीं और खराब गेंदों पर कड़े प्रहार करती रहीं. जब वह 89 रन पर थीं और भारत को जीत के लिए 32 रनों की जरूरत थी, तभी शैफाली ने चारे के एक ओवर में तीन छक्के जड़े, जिससे उस ओवर में 20 रन बने. इसके बाद रावल ने 27वें ओवर में तेंडई मकुशा की गेंदों पर लगातार चौके लगाकर अपना शतक पूरा किया. शेफाली ने ऑफ-स्पिनर न्याशा ग्वांज़ुरा की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से एक ऊंचा शॉट खेलकर मैच खत्म किया और भारत को जीत दिलाई. 

गेंदबाजों की तारीफ 
 

जीत के बाद कप्तान मांधना ने भारत के शानदार प्रदर्शन और गेंदबाजों के अलग मैदान के हिसाब से खुद को ढालने पर कहा कि एक अलग मैदान पर आकर उन्हें लगता है कि गेंदबाजों ने बहुत अच्छे से खुद को ढाला. खासकर श्री चरानी सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहीं. इसके अलावा तेज गेंदबाजों ने भी बहुत अच्छी गेंदबाजी की.  श्री चरानी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट लिए. उनकी इकॉनमी बाकी सभी गेंदबाजों में सबसे बेहतर 2.30 की रही. अपने स्पैल में उन्होंने तीन मेडन ओवर फेंके. उनके अलावा क्रांति ने 10 ओवर में 42 रन देकर तीन विकेट लिए. उनकी इकॉनमी 4.20 की रही. दीप्त‍ि शर्मा ने 9.5 ओवर में 4.47 की इकॉनमी से 44 रन देकर दो विकेट लिए. वहीं शेफाली बल्ले से कमाल द‍िखाने से पहले गेंदबाजी से कमाल किया था. उन्होंने आठ ओवर गेंदबाजी की थी, जिसमें 28 रन देकर एक विकेट लिया. उनकी इकॉनमी 3.50 की रही. 

फील्ड‍िंग में सुधार की जरूरत

मांधना ने जीत के बाद फील्ड‍िंग में सुधार की बात की, क्योंकि मुकाबले के दौरान भारतीय फील्ड‍िर्स से कुछ मौके भी छूटे. उन्होंने कहा कि फील्डिंग को और बेहतर कर सकते हैं, कुछ कैच छूटे भी, लेकिन कुल मिलाकर शेफाली और प्रतिका ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया, वह एक बेहतरीन प्रदर्शन था. 50 ओवर की पारी के दौरान किसी समय पकड़ ढीली होने के सवाल पर मांधना ने कहा कि हम बहुत लंबे समय बाद 50 ओवर का मैच खेल रहे हैं. पिछले लगभग सात महीनों से हम T20 क्रिकेट खेल रहे थे, इसलिए 20 से 35 ओवर के बीच मुझे लगता है कि हम मैदान पर और अधिक तीव्रता दिखा सकते थे. यह एक ऐसी सीख है जिसे हम इस मैच से साथ ले जा रहे हैं और इस पर काम करेंगे. भारतीय टीम सीरीज का दूसरा मैच 25 अक्टूबर और आख‍िरी मुकाबला 28 अक्टूबर को खेलेगी. सीरीज के बाकी दोनों मुकाबले भी वडोदरा में ही खेले जाएंगे. 

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