पाकिस्तान के बल्लेबाज फखर जमां को हाल में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में गेंद से छेड़छाड़ की घटना में उनकी भूमिका के लिए दो मैचों का बैन झेलना पड़ेगा, क्योंकि उनकी अपील खारिज कर दी गई है. जमां के मामले की समीक्षा PSL की टेक्निकल कमेटी ने की, जिसने सबूतों की जांच के बाद मूल सजा को बरकरार रखा.
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मामला PSL 2026 के एक मैच के दौरान हुई थी, जो लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेला गया था. ऑन-फील्ड अंपायरों ने चिंता जताई कि आखिरी ओवर से पहले गेंद की हालत बदल दी गई थी. गेंद को गेंदबाज हारिस रऊफ, कप्तान शाहीन अफरीदी और जमां के बीच कड़ी निगरानी में, एक-दूसरे को पास किया गया था.
दो मैचों के लिए सस्पेंड
PCB की एक रिलीज में बताया गया है कि फखर जमां ने मैच रेफरी के उस फैसले के खिलाफ अपील की, जिसमें उन्हें 29 मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच हुए मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लागू आचार संहिता के आर्टिकल 2.14 का उल्लंघन करने के आरोप में दो PSL मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया गया था.
अपील खारिज, बैन बरकरार
इस अपील की सुनवाई एक टेक्निकल कमेटी ने की, जिसमें प्रोफेसर जावेद मलिक, डॉ. मुमरेज़ नक्शबंद और सैयद अली नकी शामिल थे. कमेटी ने अपना फैसला सुनाने से पहले इस मामले की नए सिरे से समीक्षा की. रिलीज में आगे कहा गया कि इस अपील की सुनवाई PSL टेक्निकल कमेटी ने की. मामले की नए सिरे से जांच करने, सभी सबूतों की समीक्षा करने और संबंधित व्यक्तियों के बयान सुनने के बाद कमेटी ने इस अपील को खारिज कर दिया और मैच रेफरी रोशन महानामा के लगाए गए दो मैचों के बैन को बरकरार रखा है.
यह आरोप आर्टिकल 2.14 से संबंधित है, जो "PSL खेलने की शर्तों के क्लॉज़ 41.3 का उल्लंघन करते हुए गेंद की स्थिति में बदलाव करने" से जुड़ा है. नियमों के अनुसार लेवल 3 के अपराध पर कम से कम एक मैच का बैन और ज़्यादा से ज़्यादा दो मैचों का बैन लगता है. अब फखर तीन अप्रैल को लाहौर में मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ और 9 अप्रैल को कराची में इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाफ लाहौर कलंदर्स के लिए नहीं खेल पाएंगे.
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