रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप D मुकाबले के चौथे और आखिरी दिन ऑफ-स्पिनर तनुष कोटियन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 81 रन देकर 8 विकेट लिए. मैच में उन्होंने कुल 151 रन देकर 11 विकेट चटकाए, जिसकी मदद से मुंबई ने हरियाणा को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ मुंबई ने इस सीजन में लगातार तीसरी बार बोनस-पॉइंट के साथ जीत हासिल की है, जो लंबे समय बाद उनकी सबसे बेहतरीन शुरुआत है. अब उनके पास तीन मैचों में 21 अंक हैं, जो रणजी ट्रॉफी की सभी टीमों में सबसे ज्यादा हैं. इसके साथ ही वे अपने ग्रुप में सबसे ऊपर हैं और नॉकआउट चरण की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं.
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मुंबई का अगला मुकाबला 2 से 5 नवंबर तक क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के ब्रेबोर्न स्टेडियम में रेलवे से होगा. यह मैच कोटियन के लिए खास रहा, जो अपना 50वां फर्स्ट-क्लास मैच खेल रहे थे. उन्होंने इस मौके पर एक मैच में पहली बार 10 विकेट लिए और चौथी बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया. 97 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए, मुंबई के ओपनर्स अंगकृष रघुवंशी और दिव्यांश सक्सेना ने सिर्फ 10.4 ओवर में ही जीत दिला दी. पहली पारी में अपना पहला फर्स्ट-क्लास शतक लगाने के बाद शानदार फॉर्म में चल रहे रघुवंशी ने 39 गेंदों पर नाबाद 67 रन बनाए. पिछली दो पारियों में संघर्ष करने वाले सक्सेना ने 25 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाए, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा.
आखिरी दिन मुश्किल
हालांकि मुंबई के लिए आखिरी दिन पूरी तरह से आसान नहीं रहा. हरियाणा की ओर से आठवें विकेट के लिए सामंत जाखड़ और अनुज ठकराल की जोड़ी ने धीमी पिच पर मुंबई को काफी परेशान किया और लगभग दो घंटों में 81 रन जोड़े. आखिरकार कोटियन ने जाखड़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा. हरियाणा, जिसने 73-2 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया था और फॉलो-ऑन मिलने के बाद भी 87 रन पीछे था, दूसरी पारी में 256 रन पर ऑल आउट हो गया.
BGT के लिए सेलेक्टर्स को मैसेज
कोटियन ने इस प्रदर्शन से अगले साल होने वाली बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के लिए सेलेक्टर्स को मैसेज भी भेज दिया है. हरियाणा के खिलाफ मुंबई की शानदार जीत के दौरान एक पारी और पूरे मैच में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े दर्ज करके कोटियन ने नेशनल सेलेक्टर्स को एक बार फिर याद दिलाया है कि उन्हें अगले साल की शुरुआत में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के लिए टीम में शामिल करने पर विचार किया जाए. स्पोर्टस्टार के अनुसार कोटियन का कहना है कि उन्हें BGT के बारे में नहीं पता, यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है. उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंका दौरे के लिए भारत के ऑफ-स्पिनर के तौर पर सारांश जैन को चुने जाने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है.
पहली बार 65 ओवर से ज़्यादा गेंदबाज़ी
कोटियन ने कभी भी किसी मैच में 65 ओवर से ज़्यादा गेंदबाज़ी नहीं की थी. लगातार अच्छी जगहों पर गेंदबाजी करना उनके लिए उतनी ही राहत की बात थी, जितना कि किसी मैच में पहली बार 10 विकेट लेना. उन्होंने कहा कि वह इस मौके का इंतजार कर रहे थे. वह ज़्यादा से ज़्यादा गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहे थे. यह पहली बार है जब उन्होंने किसी मैच में इतनी ज़्यादा गेंदबाजी की. वह कप्तान को यह भरोसा दिला रहे हैं कि वह इतनी गेंदबाजी कर सकते हैं और इतने विकेट भी ले सकते हैं. हरियाणा की पहली पारी में कोटियन ने 30.5 ओवर गेंदबाजी की. जबकि दूसरी पारी में 34.3 ओवर गेंदबाजी की. यानी उन्होंने इस मैच में कुल 65.2 ओवर गेंदबाजी की और यह पहली बार है, जब उन्होंने इतने ओवर फेंके.
अलग-अलग एंगल और वेरिएशन आजमाने पर काम
सीज़न शुरू होने से पहले ही कोटियन ने इस बात पर जोर दिया था कि उन्होंने गेंदबाजी करते समय अलग-अलग एंगल और वेरिएशन आजमाने पर काम किया है. उन्होंने इसे बखूबी करके दिखाया, जब वे लगातार 'अराउंड द विकेट' (विकेट के चारों ओर से) गेंदबाजी करते रहे. उनके आठ विकेटों में से तीन पार्थ वत्स, अमन कुमार और अजीत चहल अराउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए ही मिले.
तनुष कोटियन का रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में प्रदर्शन
| मैच | बैटिंग | बॉलिंग | तारीख | मैदान |
|---|---|---|---|---|
| मुंबई vs हरियाणा | 52* | 3/70 और 8/81 | 26 अक्टूबर 2026 | मुंबई |
| मुंबई vs हिमाचल | 15 | 1/11 और 0/42 | 18 अक्टूबर 2026 | बिलासपुर |
| मुंबई vs चंडीगढ़ | 58 | 3/30 | 11 अक्टूबर 2026 | वानखेड़े |
कोटियन ने उन गेंदबाजी टिप्स के बारे में खुलकर बताया, जो उन्हें 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय टेस्ट स्क्वॉड के साथ गए थे, जहां वह नाथन लायन से मिले थे. उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में एक्स्ट्रा बाउंस मिलता है, तो वह कैसे ज़्यादा ओवर-स्पिन वाली गेंदें फेंक सकते हैं, इस बारे में लायन ने उन्हें गाइड किया था. लायन ने उन्हें रन-अप और ओवर-स्पिन का इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में भी बताया. उन्होंने वहां जो कुछ भी सीखा, वह उसी पर काम कर रहे हैं. साथ ही वह सीम पोज़िशन और वेरिएशन पर भी मेहनत कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिल रही है.
बॉर्डर- गावस्कर सीरीज का शेड्यूल
ऑस्ट्रेलिया की टीम अगले साल जनवरी में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत 21 जनवरी को नागपुर में होगी. पिछली सीरीज 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई थी, जिसे मेजबान ने अपने नाम की थी. ऑस्ट्रेलिया की जीत से पहले भारत ने लगातार चार बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया था. यानी ऑस्ट्रेलिया 10 साल बाद इस सीरीज को जीतने में कामयाब हो पाई थी. भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा बार यह सीरीज जीती है. भारत ने 10 बार तो ऑस्ट्रेलिया ने छह बार इसे अपने नाम किया. एक बार सीरीज ड्रॉ रही. अगले साल खेली जाने वाली सीरीज तीन मार्च तक चलेगी, जिसके मुकाबले नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में खेले जाएंगे. ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले 2022-2023 में भारत का दौरा किया था.
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