भारतीय टेस्ट टीम इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रही है. ऐसे में गौतम गंभीर की काफी आलोचना हो रही है. हेड कोच के लिए यह समय काफी मुश्किल रहा है, जिसमें साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर 0-2 से टेस्ट हार और ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हार शामिल है. टीम अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पोजीशन में पांचवें स्थान पर है.
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हालांकि गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती, लेकिन टेस्ट में खराब प्रदर्शन ने उन सफलताओं पर पानी फेर दिया है. इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ को शुभमन गिल की कप्तानी वाले दौर की शुरुआत माना जा रहा था, लेकिन एक साल के अंदर दो क्लीन स्वीप ने झटका दे दिया. भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. साउथ अफ्रीका के कप्तान टेंबा बवुमा भी इस सफर को अच्छी तरह जानते हैं. उन्होंने कप्तान के तौर पर अपने शुरुआती सालों में भी इसी तरह का बदलाव देखा था और इसका लॉन्ग-टर्म फायदा अब साफ दिख रहा है. साउथ अफ्रीका वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन बना.
खत्म नहीं हुई हैं गंभीर की रेड-बॉल चुनौतियां
बवुमा का मानना है कि गंभीर की रेड-बॉल चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं. 2026 में सिर्फ पांच टेस्ट मैच होने हैं, जिनमें से दो न्यूजीलैंड में होंगे, जहां भारत ने आखिरी बार 2009/10 में सीरीज जीती थी, इसलिए आगे का रास्ता मुश्किल लग रहा है. क्रिकइंफो में लिखे अपने कॉलत में बावुमा ने लिखा कि जब रेड-बॉल क्रिकेट की बात आती है तो भारतीय टीम निश्चित रूप से बदलाव के दौर से गुजर रही है. टेस्ट क्रिकेट में भारत जिस स्थिति में है, उसमें कुछ भी अनोखा नहीं है. भारत के कोच गौतम गंभीर बहुत दबाव में है और मुझे लगता है कि उन्हें इसे वैसे ही लेना होगा जैसा यह आता है. उन्हें रेड-बॉल गेम में खुद के लिए समय निकालने का कोई तरीका खोजना होगा और मेरा मानना है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में प्रदर्शन इसमें उनकी मदद कर सकता है.
आने वाला समय भारतीय टीम के लिए मुश्किल
बवुमा ने बताया कि सीमित ओवर फॉर्मेट में भारत की मजबूत टीम गंभीर को राहत दे सकती है. उन्होंने लिखा कि सीमित ओवर क्रिकेट में भारत के पास चुनने के लिए बहुत सारे ऑप्शन हैं. 2026 का T20 वर्ल्ड कप भी भारत के फेवर में है, क्योंकि यह घरेलू मैदान पर होगा. वनडे में, कोहली और रोहित पर परफॉर्मेंस और लीडरशिप के नजरिए से स्वाभाविक रूप से ज़्यादा ज़िम्मेदारी होगी. बवुमा को लगता है कि गंभीर अपनी पोजीशन के मामले में ठीक रहेंगे. हालांकि रेड-बॉल क्रिकेट के नजरिए से आने वाले समय में इस भारतीय टीम के लिए मुश्किल होने वाली है.
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