साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने मंगलवार को गेबेरहा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 179 रनों की शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया. बारिश के कारण खेल काफी देर तक रुका रहा, जिसके बाद स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया और टीम मुश्किल स्थिति में आ गई. ऐसे में बावुमा ने मोर्चा संभाला और रयान रिकेल्टन, मार्को जानसेन और साइमन हार्मर के साथ मिलकर पांचवें, सातवें और आठवें विकेट के लिए अहम साझेदारियां निभाईं. तीसरे दिन के खेल के आखिरी समय में बावुमा की यह लंबी पारी समाप्त हुई, जिसके बाद साउथ अफ्रीका ने अपनी पहली पारी 425/9 के स्कोर पर घोषित कर दी. हालांकि इस दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े और खेल के कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया. वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 150 या उससे अधिक रन की पारी खेलने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान भी बन गए हैं. उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.
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टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान:
- टेम्बा बावुमा (साउथ अफ्रीका) - 179 रन , 36 साल 154 दिन, 2026
- मोहम्मद अजहरुद्दीन (भारत) - 163 रन , 35 साल 38 दिन, 1998
- वैली हैमंड (इंग्लैंड) - 240 रन , 35 साल 5 दिन, 1938
- माइक डेनेस (इंग्लैंड) - 188 रन , 34 साल 69 दिन, 1975
- एंड्रयू स्ट्रॉस (इंग्लैंड) - 161 रन , 32 साल 136 दिन, 2009
36 साल 154 दिन के बावुमा सबसे उम्रदराज कप्तान हैं और ऑस्ट्रेलिया के आर्थर लिंडसे हैसेट के बाद साउथ अफ्रीका में टेस्ट पारी में 150 या उससे ज़्यादा रन बनाने वाले पहले कप्तान भी हैं. दिलचस्प बात यह है कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ हैसेट की 167 रनों की पारी भी 1950 में इसी मैदान पर आई थी.
साउथ अफ्रीका में टेस्ट पारी में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान
| खिलाड़ी | टीम | पारी | उम्र | किसके खिलाफ | वेन्यू | साल |
| आर्थर लिंडसे हैसेट | ऑस्ट्रेलिया | 167 रन | 36 साल 187 दिन | साउथ अफ्रीका | गेबेरहा | 1950 |
| टेम्बा बावुमा | साउथ अफ्रीका | 179 रन | 36 साल 154 दिन | ऑस्ट्रेलिया | गेबेरहा | 2026 |
| वैली हैमंड | इंग्लैंड | 181 रन | 35 साल 181 दिन | साउथ अफ्रीका | केप टाउन | 1938 |
| ब्रायन लारा | वेस्ट इंडीज | 202 रन | 34 साल 224 दिन | साउथ अफ्रीका | जोहानिसबर्ग | 2003 |
| हर्बी कोलिन्स | ऑस्ट्रेलिया | 203 रन | 33 साल 295 दिन | साउथ अफ्रीका | जोहानिसबर्ग | 1921 |
बावुमा का 179 रन का स्कोर साउथ अफ्रीका के किसी कप्तान द्वारा घरेलू मैदान पर बनाया गया चौथा सबसे बड़ा स्कोर है. उनसे आगे हाशिम अमला (208 और 201 रन) और ग्रेम स्मिथ (183 रन) हैं. यह पारी गेबेरहा में टेस्ट क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इससे आगे केवल हर्शल गिब्स हैं, जिन्होंने 2001 में भारत के खिलाफ 196 रन बनाए थे.
334 गेंदों का सामना
साउथ अफ्रीका के 110 रन पर 6 विकेट गिर जाने के बाद बावुमा की पारी बहुत अहम साबित हुई, क्योंकि उस समय मेजबान टीम के हाथ से मैच की पकड़ छूटने का खतरा पैदा हो गया था. कप्तान ने पारी को संभाले रखा. उन्होंने 334 गेंदों का सामना किया. 18 चौके और एक छक्का लगाया. टीम की यह वापसी टेस्ट क्रिकेट की सबसे शानदार वापसी में से एक रही. 110 रन या उससे कम स्कोर पर 6 विकेट गंवाने के बाद किसी टीम द्वारा बनाया गया यह दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इस मामले में इंग्लैंड सबसे आगे है, जिसने 2010 में लॉर्ड्स के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ 102 रन पर 7 विकेट गिरने के बाद 446 रन बनाए थे. बावुमा पहले दिन 12 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आए थे. अगले दिन बारिश और गीले आउटफील्ड के बीच जब दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 92 रन पर 5 विकेट हो गया था, तब भी बावुमा क्रीज पर डटे रहे. बावुमा का धैर्य और संयम निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने उनका बखूबी साथ दिया. मार्को जानसेन ने सबसे अहम सहयोग दिया और सातवें विकेट के लिए बावुमा के साथ 132 रन जोड़े. जानसेन ने 85 रन बनाए, जिसके बाद स्कॉट बोलैंड ने उन्हें आउट कर दिया. बोलैंड ने इस पारी में 81 रन देकर 5 विकेट लिए.
आठवें विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी
इसके बाद साइमन हार्मर अपने कप्तान बावुमा के साथ जुड़े और दोनों ने आठवें विकेट के लिए 183 रनों की निर्णायक साझेदारी की. हार्मर ने 82 रन बनाए, जो उनके टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक था. इस पारी ने मुकाबले को साउथ अफ्रीका के पक्ष में मोड़ने में मदद की. बावुमा ने 226 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का पांचवां शतक पूरा किया. इसके बाद उन्होंने तेजी से रन बनाते हुए 2023 में जोहानिसबर्ग में वेस्ट इंडीज के खिलाफ बनाए गए अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर (172 रन) को पीछे छोड़ दिया. मिचेल स्टार्क ने उन्हें आउट करके उनकी पारी का अंत किया, जिसके तुरंत बाद दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पारी घोषित कर दी. दिन का अंत ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किल रहा, क्योंकि कगिसो रबाडा ने निक मैडिनसन को चार गेंदों पर बिना कोई रन बनाए आउट कर दिया. स्टंप्स के समय मेहमान टीम का स्कोर 3 रन पर 1 विकेट था. ऑस्ट्रेलिया ने डरबन में खेला गया पहला टेस्ट 214 रनों से जीता और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका अब वापसी करना चाहेगी, क्योंकि दोनों ही टीमें 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं.
सचिन तेंदुलकर को लेकर बड़ा बयान
तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद बावुमा ने अपने खेल की तैयारी को लेकर सवाल किया. खासकर तब जब उन्होंने सालों तक अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर की बराबरी करने की कोशिश की है. प्रोटियाज कप्तान ने माना कि वह तेंदुलकर जैसी तकनीक अपनाने की कोशिश करते हैं. हालांकि कद में बहुत लंबा ना होने के कारण उनके लिए लंबे कदम बढ़ाना मुश्किल होता है.इसलिए सही तरीके से मूवमेंट करना ही अक्सर उनकी सफलता का मुख्य कारण होता है. साउथ अफ्रीका के लिए शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर सिर्फ 17 रन बनाए, जिसके चलते बावुमा को टीम को संकट से उबारने वाली पारी खेलनी पड़ी. कप्तान ने माना कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के लिए खेली गई उनकी बेहतरीन पारियों में से यह एक थी.
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