तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए साउथ जोन को दलीप ट्रॉफी 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन के सामने पहली पारी की बढ़त दिला दी. दूसरे दिन के खेल की समाप्ति तक वे 106 रन बनाकर नाबाद थे और उनकी टीम का स्कोर नौ विकेट पर 285 रन है. साउथ जोन को इससे 90 रन की बढ़त मिल गई. नॉर्थ जोन की पहली पारी 195 रन तक चली थी.
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तिलक ने सातवें नंबर पर आए श्रेयस गोपाल के साथ मिलकर टीम को पांच विकेट पर 80 रन के स्कोर से बढ़त तक पहुंचाया. इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 175 रन की साझेदारी हुई. गोपाल ने 169 गेंद का सामना करते हुए 11 चौकों से 87 रन की पारी खेली. वहीं तिलक आखिर तक डटे रहे. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में आठवीं बार सैकड़ा जमाया. अभी तक तिलक सात चौके लगा चुके हैं और उन्होंने 225 गेंद का सामना किया है.
गुरनूर की पेस ने साउथ जोन के टॉप ऑर्डर को किया ध्वस्त
नॉर्थ जोन के अर्शदीप सिंह, अंशुल कंबोज और गुरनूर कंबोज के सामने साउथ जोन का टॉप ऑर्डर ध्वस्त हो गया था. रिकी भुई (5), शेख राशिद (0), कोडिमेला हिमतेजा (0) जैसे बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए. वहीं ओपनर नारायन जगदीशन भी 36 और रविचंद्रन स्मरण 27 रन बनाकर लौट गए. इससे टीम मुश्किल में पड़ गई. साउथ जोन के पांच में से चार बल्लेबाजों को गुरनूर ने आउट किया. उन्होंने इस खेल के जरिए न्यूजीलैंड दौरे के लिए मजबूत दावा पेश किया है. वे हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गए थे मगर वहां खेलने का मौका नहीं मिला था.
तिलक-गोपाल अड़े और नॉर्थ जोन को धकेला
जब लग रहा था कि नॉर्थ जोन की टीम क्वार्टर फाइनल की तरह एक बार फिर से छोटा स्कोर बनाने के बाद भी बाजी मार लेगी. तब तिलक और गोपाल अड़ गए. दोनों की पार्टनरशिप ने साउथ जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. गोपाल के जाने के बाद फिर से विकेटों की झड़ी लग गई. तनय त्यागराजन (6), विदवत कवरप्पा (0) और एमडी निधीश (0) सस्ते में निपट गए. तब तिलक शतक से दूर थे. ऐसा डर था कि कहीं साउथ जोन का कप्तान एक छोर पर खड़ा ही नहीं रह जाए. 11वें नंबर पर आए कवुरी साईतेजा ने सात गेंद का सामना करते हुए कप्तान के शतक में मदद की.
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