146 kmph की रफ़्तार से गेंदबाजी कर सनसनी मचाने वाला 18 साल का भारतीय गेंदबाज, शिनचैन देखे बिना नहीं खाता खाना

मैदान पर अपनी कहर बरपाती गेंदों से बल्लेबाजों को डराने वाले डी द‍ीपेश के बारे में उनके माता- प‍िता बताते हैं कि वो जापानी कार्टून 'शिनचैन' देखे बिना खाना नहीं खा सकते, लेकिन अगर क्रिकेट की गेंद थमा दी जाए, तो वह लगातार 140 किमी/घंटा से ज़्यादा की रफ़्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं.

Profile

SportsTak

अपडेट:

google-icon
SportsTak Hindi

डी दीपेश ने त्रिची ग्रैंड चोलस के खिलाफ 146 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी. (PC: Getty)

Story Highlights:

डी दीपेश ने त्रिची ग्रैंड चोलस के खिलाफ 146 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी.

अंडर-16 लेवल तक दीपेश एक बल्लेबाज थे.

तमिलनाडु प्रीमियर लीग में गेंदबाज डी दीपेश ने अपनी रफ्तार से सनसनी मचा रखी है.मदुरै पैंथर्स के लिए खेलते हुए जहां उन्होंने अब तक 6 मैचों में 5 विकेट लिए हैं. त्रिची ग्रैंड चोलस के खिलाफ स्पीड गन ने उसकी रफ़्तार 146 किमी/घंटा मापी.हर मैच में अपने सहज एक्शन के साथ वह 140-145 किमी/घंटा की रफ़्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं और अपने बाउंस से बल्लेबाज़ों को परेशान कर रहे हैं. विकेट लेने के बाद बल्लेबाज को तीखे अंदाज में विदा करना (सेंड-ऑफ) भी आम बात है और विकेट लेने का उनका अपना एक खास अंदाज है. 6 फीट लंबे 18 साल के खिलाड़ी को देखकर महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली की पुरानी बात सच साबित होती है कि तेज गेंदबाज बनाए नहीं जाते, वे जन्मजात होते हैं. 

Gen Z क्रिकेटरों का विरोध प्रदर्शन, उत्तर प्रदेश से तीन रणजी टीमों की रखी मांग

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मैदान पर अपनी कहर बरपाती गेंदों से बल्लेबाजों को डराने वाले डी द‍ीपेश के बारे में उनके माता प‍िता बताते हैं कि वो जापानी कार्टून 'शिनचैन' देखे बिना खाना नहीं खा सकते, लेकिन अगर क्रिकेट की गेंद थमा दी जाए, तो वह लगातार 140 किमी/घंटा से ज़्यादा की रफ़्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं. 

बल्लेबाजी से शुरुआत, फिर बने गेंदबाज 


अंडर-16 लेवल तक दीपेश एक बल्लेबाज थे. अंडर-19 तक आते-आते वे एक तेज गेंदबाज बन गए. दीपेश बताते हैं कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है.बस तेज गेंदबाजी करने में एक अलग ही मजा आता है.वे कहते हैं कि उन्हें डेल स्टेन को देखना पसंद है, लेकिन वह किसी से प्रेरित नहीं थे. वह  किसी टीम में चुने जाने के मकसद से क्रिकेट नहीं खेले. वह इसलिए खेल रहे है, क्योंकि उन्हें तेज गेंदबाजी करना पसंद है.उन्हें नहीं पता कि यह उन्हें कहां ले जाएगा. 

वर्ल्ड कप के बाद भी काफ़ी ज़्यादा गेंदबाजी

अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने 140 kmph की रफ़्तार से गेंद फेंकी थी, लेकिन जब TNPL में उन्होंने सबसे तेज गेंद डाली तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि ऐसा होने वाला है. वह मानते हैं कि वह पहले के मुकाबले ज़्यादा तेज़ गेंदबाजी कर रहे थे. वह कहते हैं कि उन्होंने अपनी रफ़्तार को 145 kmph तक बढ़ाने के लिए कोई खास कोशिश नहीं की.उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद भी काफ़ी ज़्यादा गेंदबाजी की. उन्होंने चेन्नई लीग में भी हिस्सा लिया और उन्हें लगता है कि यह उसी का नतीजा है.वह अब भी वही वेट ट्रेनिंग और जिम वर्कआउट करते हैं, लेकिन गेंदबाजी की मात्रा (वॉल्यूम) बढ़ गई है.उनका मानना ​​है कि ज़्यादा गेंदें फेंकने की वजह से ही उनकी रफ़्तार 145 kmph तक बढ़ गई है. 

IND vs SL: अंपायर के फैसले से बौखलाया श्रीलंकाई स्टार, फेंके ग्लव्स

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share