जो रूट ने एशेज के 5वें टेस्ट के पहले दिन करियर का 41वां शतक ठोका. इस तरह वो अब सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए हैं. इसके अलावा उन्होंने रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है. तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतक हैं और कैलिस के 45. वहीं अब इसी टेस्ट में अब ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ ने भी शतक ठोक दिया है. स्मिथ ने करियर का 37वां और एशेज में 13वां शतक ठोका. अब सिर्फ उनसे लेजेंड डॉन ब्रैडमैन आगे हैं. इस बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट नहीं छोड़ना चाहिए था.
ADVERTISEMENT
भारतीय गेंदबाज ने वर्ल्ड कप जीता तो 13 साल बाद पिता को मिला इंसाफ
विराट को नहीं होना था टेस्ट क्रिकेट से रिटायर: मांजरेकर
भारत के पूर्व बैटर संजय मांजरेकर ने कहा कि, विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट से रिटायर नहीं होना चाहिए था. ऐसा कर उन्होंने गलती की. क्योंकि उनके साथी फैब 4 अभी भी इस फॉर्मेट में कमाल कर रहे हैं. फैब 4 में विराट, स्मिथ, रूट और विलियमसन का नाम शामिल है.
मांजरेकर ने आगे कहा कि, जो रूट टेस्ट क्रिकेट में कमाल कर रहे हैं. लेकिन मेरा दिमाग विराट कोहली की ओर है. वो टेस्ट से चले गए. रिटायर होने से पहले वो इस फॉर्मेट में संघर्ष कर रहे थे. उन्होंने दिक्कतों को दूर करने का नहीं सोचा. पिछले 5 सालों में इस फॉर्मेट में उनकी औसत 31 की थी. लेकिन अगर वो खेलते तो वो कमाल कर देते. मैं उदास हूं कि जो रूट, केन विलियमसन और स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी इस फॉर्मेट में अपना नाम और बड़ा कर रहे हैं.
बता दें कि साल 2020 तक विराट कोहली सबसे आगे थे. लेकिन इसके बाद उनकी फॉर्म में गिरावट देखी गई. साल 2025 में वो रिटायर हो गए. साल 2024-25 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज उनकी आखिरी सीरीज थी जिसमें ऑफ स्टम्प की ओर जाती हुई गेंदों पर वो लगातार आउट हो रहे थे. पिछले पांच सालों में कोहली की औसत 30 की थी लेकिन कोहली 123 टेस्ट में 46.85 की औसत के साथ रिटायर हुए.
विराट कर सकते थे कमबैक: मांजरेकर
संजय मांजरेकर ने अंत में कहा कि, ये ठीक रहता अगर विराट कोहली क्रिकेट से चले जाते और हर फॉर्मेट से रिटायर हो जाते. लेकिन उन्होंने वनडे फॉर्मेट खेलना जारी रखा. इससे और दुख होता है. क्योंकि उन्होंने एक ऐसा फॉर्मेट चुना जिसमें टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को आसानी होती है. मांजरेकर ने अंत में कहा कि, आपको ये फॉर्मेट पहले टेस्ट करता है. लेकिन टेस्ट और टी20 अलग है. वहीं विराट को टेस्ट क्रिकेट इसलिए भी खेलना चाहिए था क्योंकि वो अभी भी फिट हैं. वो आसानी से इसमें कमबैक कर सकते थे.
शुभमन का नहीं चला बल्ला, VHT में सस्ते में आउट, इस बॉलर का बने शिकार
ADVERTISEMENT










