भारतीय पुरुष चयन समिति में अजीत अगरकर की जगह लेने वाले पांचवें चयनकर्ता के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो गई. बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का हिस्सा भारत के पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे ने उम्मीदवारों के सामने भविष्य के सवालों का एक दिलचस्प सेट रखा, जिसमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के आसपास की स्थिति भी शामिल थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगरकर ने BCCI से कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन टीम में रोहित के भविष्य को लेकर उनके रुख के कारण ऐसा नहीं किया. वहीं कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अगरकर ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग नहीं की थी. दरअसल अगरकर नहीं चाहते थे कि 39 साल के रोहित अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप खेलें. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार CAC सदस्यों ने आवेदकों से रोहित के वनडे भविष्य को लेकर उनकी राय मांगी.
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IND vs WI: सबसे तेज रन बनाने वाली T20I सीरीज
शुक्रवार को चयनकर्ताओं ने यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे चरण के लिए भी नहीं चुना, जबकि इस दौरान शुभमन गिल उपलब्ध नहीं होंगे. इससे जायसवाल को आने वाली टेस्ट सीरीज की तैयारी करने का मौका तो मिल जाता है, लेकिन साथ ही यह फैसला विश्व कप को ध्यान में रखते हुए रोहित के बारे में चयनकर्ताओं की बदली हुई राय को भी दर्शाता है. इंटरव्यू के दौरान एक और अहम मुद्दा उठाया गया, जिसमें उम्मीदवारों से पूछा गया कि अगर भारतीय कप्तान किसी लंबी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो शुभमन गिल की जगह किसे लाया जाना चाहिए.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से पूछे गए अन्य सवालों में यह भी शामिल था कि वे इस बात का क्या आकलन करते हैं कि अपने टैलेंट और टीम में लगातार बने रहने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को T20I की प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं मिल रही है. इंटरव्यू लेने वाले यह समझना चाहते थे कि वैभव के चयन को लेकर उनका नजरिया क्या होगा. हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार ऑनलाइन इंटरव्यू की प्रक्रिया काफी डिटेल्ड थी, लेकिन आखिर में चयनकर्ताओं का चुनाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि BCCI किसे मुख्य चयनकर्ता के रूप में चुनता है. BCCI के संविधान के अनुसार चुने गए पांच सदस्यों में से जिस खिलाड़ी ने सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच खेले हों, उसे चेयरमैन बनने का अधिकार मिलता है.फिलहाल अगरकर के हटने के बाद पूर्व स्पिनर ओझा, जिन्होंने 24 टेस्ट मैच खेले हैं, अंतरिम चेयरमैन के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं, मगर अब ओझा को वसीम जाफर से टक्कर मिल सकती है, जो इस रेस में शामिल हो गए हैं. शॉर्टलिस्ट किए गए और इंटरव्यू देने वाले खिलाड़ियों में से केवल वसीम जाफर (31 टेस्ट) ने ही सबसे अधिक टेस्ट खेले हैं, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि जाफर का चयन होगा, क्योंकि BCCI चयन प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखना चाहता है. ओझा ने अगरकर की देखरेख में एक साल तक काम किया है और उन्हें अगले साल होने वाले ODI वर्ल्ड कप की रूपरेखा की अच्छी समझ है. इंटरव्यू देने वाले अन्य खिलाड़ी जैकब मार्टिन (10 ODI) और कॉनर विलियम्स ( साउथ अफ्रीका के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट) थे. इस रेस में रमेश पोवार और सलिल अंकोला भी शामिल हैं.
अगरकर के कार्यकाल में भारत की उपलब्धियां
अजीत अगरकर ने 2024 में इस पद की जिम्मेदारी मिली थी. टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल इसी महीने के शुरुआत में आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया था. अगरकर के कार्यकाल में भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती. रोहित की कप्तानी में भारत ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीता. इसके बाद 2025 की चैम्पियंस ट्रॉफी जीती और फिर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में 2026 का टी20 वर्ल्ड कप भी जीता. अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची थी.
अगरकर की बीसीसीआई से कैसे बिगड़ी बात
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अगरकर और बीसीसीआई के बीच बात रोहित के फ्यूचर को लेकर बिगड़ी थी. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि
जुलाई 2026 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान अगरकर ने लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित को टीम से बाहर करने की कोशिश की. हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इसे बाद में खारिज कर दिया था. इसके बाद बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में अगरकर की अनुपस्थिति ने साफ कर दिया था कि अगरकर और बीसीसीआई के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं.
वसीम जाफर का करियर
घरेलू क्रिकेट के दिग्गज वसीम जाफर ने भी कंफर्म किया कि उन्होंने सेलेक्टर पद के लिए आवेदन किया है. उनके करियर की बात करें तो उनके नाम घरेलू क्रिकेट में 25 हजार से भी ज्यादा रन है. वह मुंबई और विदर्भ टीम की तरफ से रणजी ट्रॉफी में खेले. वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और उनके नाम इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज़्यादा शतक लगाने का भी रिकॉर्ड दर्ज हैं.1996- 97 सीज़न में मुंबई के साथ अपने सीनियर क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले वसीम जाफर ने 260 फर्स्ट क्लास मैचों 19410 रन है. जिसमें 57 शतक और 91 अर्धशतक है. 118 लिस्ट ए मैचों में जाफर ने 10 शतक और 33 अर्धशतक समेत कुल 4849 रन बनाए. वहीं 23 टी20 मैचों में छह अर्धशतक समत 616 रन बनाए. जाफर भारत के लिए 31 टेस्ट और दो वनडे मैच भी खेले, जिसमें उनके नाम 1944 टेस्ट रन है. उन्होंने इंटरनेशनल टेस्ट में पांच शतक लगाए है. वहीं दो वनडे में उनके नाम 10 रन है. उन्हें चेयरमैन पद का मजबूत दावेदार भी माना जा रहा है. क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) अगर उन्हें चुनती है तो फिर चेयरमैन पद के लिए विचार किए जा रहे उम्मीदवारों में से उनके नाम सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड होगा और ऐसे में वह चेयरमैन बन सकते हैं. पोवार के पास भी इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का अनुभव है और वे कोचिंग भी दे चुके हैं. वह भारत के लिए 31 वनडे और दो टेस्ट खेले हैं. वे भारतीय महिला टीम के हेड कोच रह चुके हैं. प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले है. यानी वह वसीम जाफर से सात टेस्ट पीछे हैं. इसी वजह से इस रेस में जाफर के शामिल होने से ओझा को कांटे की टक्कर मिली है.
25 हजार रन बनाने वाले दिग्गज की एंट्री से सेलेक्टर पद की रेस में रोमांचक मोड़
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