इस क्रिकेट बोर्ड को अपने खिलाड़ियों को क्यों देनी पड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज से हटने की अनुमति?

अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पांच मैचों की घरेलू वनडे सीरीज को आगे बढ़ाने का फैसला करने के बाद क्रिकेट आयरलैंड बोर्ड ने कहा है कि वह खिलाड़ियों पर छोड़ देगा कि वे इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं या नहीं.

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आयरलैंड पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए अफगान‍िस्तान की मेजबानी करेगा. (PC: Getty)

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आयरलैंड पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए अफगान‍िस्तान की मेजबानी करेगा.

आयरलैंड और अफगान‍िस्तान के बीच अगस्त में होनी है सीरीज.

आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने ख‍िलाड़ियों को अफगानिस्तान के ख‍िलाफ सीरीज से हटने की अनुमति दी है. अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पांच मैचों की घरेलू वनडे सीरीज को आगे बढ़ाने का फैसला करने के बाद क्रिकेट आयरलैंड बोर्ड ने कहा है कि वह खिलाड़ियों पर छोड़ देगा कि वे इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं या नहीं. 

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दरअसल बहिष्कार की मांगों के बीच आयरलैंड ने पिछले सप्ताह अगस्त में होने वाली पांच मैचों की सीरीज की घोषणा की थी.  बावजूद इसके कि उन्हें एक ऐसे बोर्ड के ख़िलाफ खेलने में 'नैतिक रूप से असहजता' महसूस हो रही थी जिसने महिला क्रिकेट को नजरअंदाज किया है. पांच साल पहले तालिबान के अफगानिस्तान में फिर से सत्ता संभालने के बाद खेलों में महिलाओं की भागीदारी पर रोक लगा दी गई थी. 

ख‍िलाड़‍ियों पर फैसला छोड़ा 

क्रिकेट आयरलैंड में हाई परफॉर्मेंस के डायरेक्टर ग्रीम वेस्ट ने कहा कि बोर्ड खिलाड़ियों पर छोड़ देगा कि वे ब्रेडी और स्टॉर्मोंट में खेली जाने वाली इस सीरीज के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं या नहीं. वेस्ट ने BBC से कहा कि मुझे लगता है कि आपको ऐसा करना ही होगा. हमने दोनों पुरुष और महिला टीमों से बात करके उनकी राय जानने की कोशिश की है. जैसा कि आप उम्मीद करेंगे, कुछ चिंताएं हैं, लेकिन जब हमने बोर्ड के साथ भी इसी तरह की बातचीत की और सभी बातों पर विचार किया, तो एक आपसी समझ बनी. 

जिम्मेदार‍ियों को लेकर गंभीर

क्रिकेट आयरलैंड की CEO सारा कीन का कहना है कि इस सीरीज को आगे बढ़ाने का बोर्ड का फैसला सर्वसम्मत नहीं था. उनका कहना है कि वह शुरू में ही उस नैतिक दुविधा को स्वीकार करना चाहती हैं, जो उन्हें लगता है कि वह सभी इस फैसले को लेकर महसूस कर रहे हैं और इस बात को लेकर भी कि वहां की सरकार विशेष रूप से महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव करती है. उन्होंने आगे कहा कि आयरलैंड बोर्ड में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल मिलाकर फैसला यही हुआ कि वह अफगानिस्तान के साथ खेलेंगे और एक पूर्ण-सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदार‍ियों को बहुत गंभीरता से लेंगे. 

दब जाएगा मुद्दा

उनका कहना है कि उन्हें लगता है कि इसका एक मुख्य कारण यह भी था कि लोगों को यह बात महसूस हुई कि अगर वह नहीं खेलते हैं, तो यह मुद्दा कहीं दब सा जाएगा, जबकि उन्हें अफ़गान महिला टीम के बारे में बात करनी चाहिए. उन्हें आयरलैंड में भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इस साल शेड्यूल की वजह से ऐसा हो पाएगा. अफग़ान टीम ने पिछली बार मई 2019 में यानी उसी साल होने वाले वर्ल्ड कप से ठीक पहले एक ODI सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा किया था. 

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