सूर्यवंशी को टेस्ट खिलाने पर BCCI को 417 टेस्ट विकेट लेने वाले से मिली चेतावनी, कहा- अगर उसे...

वैभव सूर्यवंशी ने 14 साल की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया था और तब से इस खिलाड़ी ने काफी प्रभावित किया है. बड़े से बड़े गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने आतिशी तेवर आजमाते हुए सफलता हासिल की है.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

वैभव सूर्यवंशी

Story Highlights:

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल और घरेलू सफेद गेंद क्रिकेट में कमाल का खेल दिखाया है.

वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करने की मांग तेजी से उठ रही है.

भारतीय टीम अभी टेस्ट फॉर्मेट में संघर्ष कर रही है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे युवाओं को आजमाने की मांग उठ रही है. लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस मामले पर कहा कि टेस्ट खेलने के लिए सही माइंडसेट होना जरूरी है. अभी इस तरह की चीज केवल यशस्वी जायसवाल में दिखी है. हरभजन सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट खिलाने में जल्दबाजी न करने की सलाह दी. भारत को जून में अफगानिस्तान के साथ एक टेस्ट खेलना है. फिर श्रीलंका के दौरे पर दो टेस्ट के लिए जाना है.

50 विकेट-500 रन पर मौका नहीं, 1 टेस्ट खिलाकर भूले, इस खिलाड़ी ने छोड़ा पाकिस्तान

हरभजन सिंह ने जायसवाल को माना ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी

भारत के लिए 417 टेस्ट विकेट ले चुके हरभजन सिंह ने कहा कि सूर्यवंशी और म्हात्रे को टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए सही माइंडसेट की जरूरत है. उन्हें जायसवाल से सीखना चाहिए. हरभजन ने मुंबई में सचिन तेंदुलकर के 53वें जन्मदिन के मौके पर लेजेंड्स क्लब में आयोजित कार्यक्रम में कहा, अगर अभी सबसे अच्छी बैटिंग कोई कर रहा है तो वह यशस्वी जायसवाल है और हम लोग उसकी बात तक नहीं करते. टी20 क्रिकेट और टेस्ट में जो कुछ चाहिए उसके पास उसका सटीक मिश्रण है. वह एक सेशन तक गेंद को छोड़ने की मानसिकता रखता है फिर अगले सेशन से रन बना सकता है. 

हरभजन ने आगे कहा,

बहुत कम खिलाड़ी हैं जिनके पास ऐसा माइंडसेट है और उसने (जायसवाल) अपनी जगह खुद बनाई है. मुझे लगता है कि जायसवाल, सूर्यवंशी और इशान किशन के पास गेंद को हिट करने का एक जैसा माइंडसेट है लेकिन उसी समय यह समझने की जरूरत भी है कि जब गेंद हिलती और हालात अलग होते हैं तो आपके पास गेंद को डिफेंड करने का खेल भी होना चाहिए.

सूर्यवंशी को टेस्ट में खिलाने पर हरभजन सिंह ने क्या चेतावनी दी

 

भज्जी ने सलाह दी कि भारत को अगर सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट खिलाना है तो उसे तैयार करना होगा. उन्होंने कहा, वे सीखें, फिर भले ही उतार, चढ़ाव हो. लेकिन अगर एक 15 साल का लड़का गेंद को हिट कर सकता है तो वह उसे रोक भी सकता है. यह माइंडसेट की बात है. अगर उसे मौका दिया जाए तो वह इसके हिसाब से ढल जाएगा. लेकिन आप उसे पहले दौरे के लिए इंग्लैंड भेज देंगे जहां गेंद हिलती है तो यह समझदारी का फैसला नहीं होगा. अगर हम उसे टेस्ट क्रिकेट खिलाना चाहते हैं तो उसे तैयार करना होगा.

मुंबई इंडियंस की टीम लगातार हार के बीच छुट्टी मनाने निकली, इस शहर में डाला डेरा

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share