सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया अपना टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने में सफल रही. बीती रात अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने खिताब जीता. इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने बताया कि उनके लिए माइलस्टोन से ज्यादा ट्रॉफियां मायने रखती है. जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए गंभीर ने जोर देकर कहा कि उनके समय में टीम कल्चर पर्सनल अचीवमेंट के पीछे भागने के बजाय ट्रॉफी जीतने पर टिका रहा है.
ADVERTISEMENT
'मौका कभी भी आ सकता है', सच हुई संजू सैमसन से की गई रोहित शर्मा की भविष्यवाणी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सूर्या के साथ उनकी सिंपल सोच हमेशा यही रही है कि माइलस्टोन्स मायने नहीं रखते. ट्रॉफियां मायने रखती हैं. भारतीय क्रिकेट में बहुत लंबे समय से सभी माइलस्टोन्स के बारे में बात करते आ रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि जब तक वह वहां हैं, वो माइलस्टोन्स के बारे में बात नहीं करेंगे.
टीम की उपलबधि पर फोकस
क्रिकेट की उपलब्धियों का जश्न मनाने के तरीके में बदलाव की मांग करते हुए गंभीर ने कहा कि फोकस हमेशा ग्रुप की उपलबधि पर होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि माइलस्टोन का जश्न मनाना बंद करो, ट्रॉफियों का जश्न मनाओ. यह जरूरी होने वाला है क्योंकि टीम स्पोर्ट का बड़ा मकसद ट्रॉफियां जीतना है, न कि अकेले रन बनाना. यह मेरे लिए कभी मायने नहीं रखता था और न ही कभी रखेगा.
सूर्या ने आसान कर दी गंभीर की जिंदगी
गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की लीडरशिप और पर्सनल रिकॉर्ड से ज़्यादा टीम की सफलता को तवज्जो देने की सोच की तारीफ की. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सूर्या ने इस फ़ॉर्मेट में उनकी ज़िंदगी बहुत आसान कर दी है. उन्हें लगता है कि वह एक जबरदस्त लीडर हैं. वह कप्तान नहीं कहलाना चाहते, वह लीडर कहलाना चाहते हैं क्योंकि ड्रेसिंग रूम में लीडर, कप्तान से कहीं ज़्यादा बड़ी हस्ती होता है. भारत के पूर्व ओपनर ने टूर्नामेंट के दौरान दिखाई गई बेखौफ बैटिंग को इस बात का सबूत बताया कि खिलाड़ी पर्सनल माइलस्टोन से ज़्यादा टीम की सफलता को प्राथमिकता देते हैं.
ADVERTISEMENT










