बीते दिनों रोहित शर्मा का संजू सैमसन से बात करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था और उस दौरान रोहित ने जो भविष्यवाणी की थी, आखिरकार वो सच हो गई. उस वक्त भारत के पूर्व टी20 कप्तान को सैमसन से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें निराश नहीं होना चाहिए और भारतीय टीम में खेलने का मौका कभी भी मिल सकता है. जब सैमसन इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में बेंच पर बैठे रहे तो रोहित ने उनका हौंसला बढ़ाया और कहा कि
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कैसा है? दुखी मत हो भाई. यह एक लंबा टूर्नामेंट है, कभी भी मौका आ सकता है.
बस फिर क्या था, मौका आया और सैमसन ने इसे दोनों हाथों से लपक लिया. भारत के लिए सुपर 8 मैच के आखिरी मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए. फिर उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम में 42 गेंदों पर 89 रन की मैच जिताने वाली पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत दिलाई.
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इसके बाद अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में फाइनल में उन्होंने 46 गेंदों पर 89 रन बनाए,जो किसी भी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी फिफ्टी के साथ सैमसन T20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में फिफ्टी लगाने वाले शाहिद अफरीदी और विराट कोहली के बाद तीसरे खिलाड़ी बन गए.
खिलाड़ी की नब्ज़ महसूस सकते हैं रोहित
अब एक और वीडियो में रोहित ने कहा कि उन्होंने सैमसन से ऐसा क्यों कहा. रोहित ने ICC की तरफ से जारी एक वीडियो में कहा कि मैं कभी-कभी खिलाड़ी की नब्ज़ महसूस कर सकता हूं. मैं खुद भी ऐसी स्थिति में रहा हूं जब मैं इस तरह के टूर्नामेंट में था और मुझे मौके नहीं मिले, फोकस्ड रहना और सही चीजें करने की कोशिश करना और मौका न मिलने पर निराश नहीं होना जरूरी है और मैंने उसके साथ यही महसूस किया क्योंकि वह लगातार भारत के लिए खेल रहा था और फिर वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक पहले बाहर कर दिया गया.
रोहित ने आगे कहा कि वह मैं बस सैमसन को बताना चाहते थे कि यह एक लंबा टूर्नामेंट है और पहले भी मजेदार चीजें हुई हैं, इसलिए वह उन्हें बस भरोसा दिलाना चाहता था कि उनका मौका जरूर आएगा और यह उस मैच में हुआ जो भारत के लिए एक जरूरी था और वह जबरदस्त भी खेले.
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