दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के मैच से सबक लेकर अपने घमंड को छोड़ना चाहिए और अति आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरकर हर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर भेजने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार खेलना चाहिए.
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भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजों की नाकामी के कारण सुपर आठ के अहम मुकाबले में 76 रन से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. गावस्कर ने जिओ स्टार से कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को ब्रेविस और मिलर की पार्टनरशिप से सीख लेकर इस तरह का दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत थी. भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा नहीं किया. वे अति आत्मविश्वास के साथ उतरे, हर गेंद पर बल्ला चलाया और विकेट गंवा दिए. साउथ अफ्रीका खेल के हर विभाग में भारत से अव्वल साबित हुआ.
खराब शुरुआत के बाद टीम संभली
इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और एक समय उसका 20 रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद मिलर और ब्रेविस ने 97 रन की पार्टनरशिप की, जिससे साउथ अफ्रीका सात विकेट पर 187 रन बनाने में सफल रहा. इसके जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर आउट हो गई.
अहंकार छोड़कर सबक लेती टीम
गावस्कर ने कहा कि भारत ने साउथ अफ्रीका से कोई सबक नहीं लिया. भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर उतरकर हर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. टी20 क्रिकेट ऐसे नहीं खेला जाता. उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम को विपक्षी टीम से सीख लेनी चाहिए थी. अगर उन्होंने इस तरह की मुश्किल पिच पर अच्छा स्कोर किया है तो उनको भी अपना अहंकार छोड़कर उनकी पारी का विश्लेषण करना चाहिए था और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करनी चाहिए थी. भारत ने पावर प्ले के अंदर अपने टॉप तीन बल्लेबाजों इशान किशन (0), अभिषेक शर्मा (15) और तिलक वर्मा (01) के विकेट गंवा दिये थे.
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