Ashes: इंग्लैंड के स्टार को एशेज में खराब प्रदर्शन के बाद बॉडी लैंग्वेज सुधारने की सलाह!

Ashes: गस एटकिंसन के लिए यह एशेज सीरीज अच्छी नहीं रही. वह इस सीरीज में खराब फॉर्म से जूझते रहे. तीन मैचों में वह छह विकेट ले पाए थे और अब चोट के कारण सीरीज के आख‍िरी मैच से बाहर हैं.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

मेलबर्न टेस्ट के दौरान गस एटकिंसन और बेन स्टोक्स (pc: getty)

Story Highlights:

गस एटकिंसन ने तीन मैचों में छह विकेट.

गस एटकिंसन सिडनी टेस्ट से बाहर हैं.

Ashes: इंग्लैंड के दिग्गज स्टुअर्ट ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज़ में खराब प्रदर्शन के बाद गस एटकिंसन को अपनी बॉडी लैंग्वेज सुधारने की सलाह दी है. एटकिंसन ने इंग्लैंड के लिए अपने टेस्ट करियर की शानदार शुरुआत की थी और 16 मैचों में 24.21 की औसत से 69 विकेट लिए हैं और एक शतक सहित 453 रन बनाए हैं.

RCB के एक और स्टार ने VHT में काटा बवाल, 18 चौके और एक छक्के के दम पर ठोका शतक

हालांकि इस लंबे तेज़ गेंदबाज़ के लिए एशेज सीरीज अच्छी नहीं रही, क्योंकि चोट के कारण सिडनी में आखिरी टेस्ट से बाहर होने से पहले उन्होंने तीन मैचों में सिर्फ छह विकेट लिए थे. एटकिंसन चोट के कारण बाहर होने वाले जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड के बाद तीसरे तेज़ गेंदबाज बन गए. स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए ब्रॉड ने कहा कि एटकिंसन की बॉडी लैंग्वेज टेस्ट बॉलर जैसी नहीं है और उन्हें इस पर काम करने की जरूरत है.

बॉडी लैंग्वेज टेस्ट मैच के गेंदबाज जैसी नहीं

ब्रॉड ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा कि एटकिंसन में शानदार खूबियां हैं. गेंद से उनका एवरेज अभी भी 25 से कम है, वह सीम को हिलाते हैं. वह गेंद को स्विंग करा सकते हैं. वह लंबे हैं. वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन मैच के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज टेस्ट मैच के गेंदबाज जैसी नहीं है. उन्हें इस पर काम करने की जरूरत है.

दबाव से निपटने की मानसिक क्षमता नहीं

ब्रॉड ने कहा कि जब आप ऐसी टीमों के साथ खेलते हैं जिन पर आपको हावी होना चाहिए और उन्हें हराना चाहिए, तो यह ज़्यादा मायने नहीं रखता, लेकिन टॉप टीमों के खिलाफ ऐसा नहीं होता, इसलिए उनके सुधार के क्षेत्र एट्रीब्यूट्स या दबाव से निपटने की मानसिक क्षमता नहीं हैं, बल्कि अपनी टीम को यह बताना है कि आप इस ग्रुप को लीड कर रहे हैं.

टाइगर वुड्स का उदाहरण

ब्रॉड ने एटकिंसन से कहा कि उन्हें मुकाबले के दौरान कभी भी विपक्षी टीम को यह महसूस नहीं होने देना चाहिए कि वे उन पर हावी हो रहे हैं. ब्रॉड ने कहा कि मैंने टाइगर वुड्स के बारे में एक आर्टिकल पढ़ा था, जो गोल्फ खेलते समय कभी फर्श की तरफ नहीं देखते थे. उनकी नज़रें हमेशा फ्लोर से ऊपर रहती थीं, जो बॉडी लैंग्वेज के लिए बहुत मज़बूत बात है. जब मैं दबाव में होता था या मुश्किल में होता था, तो मैं अपनी नज़रें फ्लोर से ऊपर रखता था, क्योंकि तब कोई यह नहीं बता पाता था कि मैंने अच्छी गेंद फेंकी है या खराब. आप लगातार लड़ाई में होते हैं और आपके विरोधी को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि वे आप पर हावी हो रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का आखिरी टेस्ट 4 जनवरी को शुरू होगा. ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआती तीन टेस्ट जीतकर पहले ही एशेज रिटेन कर चुकी है. वह सीरीज में 3-1 से आगे है.

मैच से पहले कैब खराब तो धक्का देकर कार को स्टेडियम ले गए ख‍िलाड़ी, Video

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share