मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद, पृथ्वी शॉ और यश ढुल की लिस्ट में शुक्रवार को एक और नाम जुड़ गया है और वो नाम है आयुष म्हात्रे, जिनकी कप्तानी में भारत ने छठी बार अंडर 19 वर्ल्ड कप जीत लिया है. फाइनल में भारत की युवा टीम ने इंग्लैंड को 100 रन से रौंद दिया है. भारत की खिताबी जीत के असली हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने फाइनल में 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्कों की मदद से 175 रन की तूफानी पारी खेलकर ऐतिहासिक जीत की नींव रखी. भारत ने इंग्लैंड को 412 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में इंग्लिश टीम 311 रन सिमट गई.
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इंग्लैंड के लिए ने 115 रन की पारी खेलकर कैलेब फाल्कनर ने टीम की मुकाबले में वापसी कराने की कोशिश की थी. वह क्रीज पर जमे रहे, मगर कनिष्क चौहान ने 41वें ओवर की दूसरी गेंद पर फाल्कनर को आउट करके इंग्लैंड की पारी को 311 रन पर समेट दिया. फाल्कनर के अलावा इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 66 रन ओपनर बेन डॉकिन्स, 45 रन बेन मेयस, कप्तान थॉमस रयू ने 18 गेंदों में 31 रन और निचले ऑर्डर के बल्लेबाज जेम्स मिंटो ने 28 रन बनाए.
अंडर 19 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने ओपनर वैभव सूर्यवंशी (175 रन) के रिकॉर्ड शतक और कप्तान आयुष म्हात्रे (53 रन) के अर्धशतक की बदौलत नौ विकेट पर 411 रन बनाए, जो टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर भी है. सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक जड़ा. उन्होंने 55 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की. सूर्यवंशी और म्हात्रे के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन, कनिष्क चौहान ने नाबाद 37 रन, वेदांत त्रिवेदी ने 32 रन और विहान मल्होत्रा ने 30 रन का योगदान दिया. इंग्लैंड के लिए जेम्स मिंटो ने तीन जबकि सेबेस्टियन मोर्गन और एलेक्स ग्रीन ने दो- दो विकेट लिए.
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