अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 में उस वक्त बवाल हो गया जब पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच चल रहे मैच में कुछ अलग ही देखने को मिला. शुक्रवार, 22 जनवरी को पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे का स्कोर तो चेज कर लिया, लेकिन इस दौरान टीम ने काफी ज्यादा समय लगाया. टीम ने यहां जान-बूझकर रन चेज को धीमा कर दिया. ऐसा उन्होंने इसलिए किया जिससे वो नेट रन रेट को थोड़ा और बेहतर बना सके.
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क्या है पूरा मामला?
मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने 8 विकेट से जीत हासिल की. इस दौरान 181 गेंदें बाकी रह गईं. इस जीत ने उन्हें ग्रुप में दूसरे नंबर पर रहते हुए सुपर सिक्स में जगह दिला दी. लेकिन मजेदार बात ये कि इसी बड़े अंतर की वजह से जिम्बाब्वे तीसरे नंबर पर आ गया और वो भी अगले राउंड में पहुंच गया. स्कॉटलैंड के लिए बहुत बुरा दिन रहा. वो बस थोड़ा सा करीब थे, लेकिन बाहर हो गए.
क्या पाकिस्तान ने जानबूझकर किया
अगर पाकिस्तान ने ये चेज 26वें ओवर में ही खत्म कर दिया होता, बजाय 27वें ओवर के तो स्कॉटलैंड क्वालीफाई कर जाता. बस एक ओवर का फर्क था. लेकिन पाकिस्तान ने रन चेज को धीमा कर जिम्बाब्वे को NRR में छोटा सा फायदा पहुंचाया और स्कॉटलैंड को बाहर का रास्ता दिखा दिया.
पाकिस्तान ने क्यों किया ऐसा
कई लोग अब ये कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने ऐसा जानबूझकर किया. 16वें से 25वें ओवर के बीच उन्होंने 50 डॉट गेंदें खेलीं. 16वें ओवर के बाद उनके 96 रन थे, लेकिन 25वें ओवर तक वो सिर्फ 123 तक ही पहुंचे. देखने में अजीब लग रहा था और फैंस की नजर भी गई. अगर स्कॉटलैंड क्वालीफाई करता, तो पाकिस्तान की बड़ी जीत काम आती. लेकिन जिम्बाब्वे के आने से उनकी जिम्बाब्वे पर मिली बड़ी जीत अब NRR को बूस्ट देगी.
क्या मिलेगी सजा
ICC के कोड ऑफ कंडक्ट में लॉ 2.11 कहता है कि अगर कप्तान गलत तरीके से मैच को मैनिपुलेट करते पकड़े गए. जैसे NRR या स्टैंडिंग्स को प्रभावित करने के लिए तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. ये करप्शन या सट्टेबाजी की बात नहीं, बल्कि रणनीति की बात है.
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