भारत ने इंग्लैंड को हराकर अंडर 19 वर्ल्ड कप जीता. फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराया. इस जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने 175 रन की पारी खेली. इस जीत के बाद सूर्यवंशी ने खुलासा किया कि वह फाइनल से पहले पूरी रात नहीं सो पाए थे. वह मैच से पहले मुश्किल से सो पाए थे, क्योंकि उन्हें उस मौके की सच्चाई पर यकीन नहीं हो रहा था. उन्होंने कहा कि टीम की कोशिशों के बावजूद, वे इसे सिर्फ़ एक 'नॉर्मल' मैच नहीं मान पाए, क्योंकि यह इस टूर्नामेंट का उनका पहला और आखिरी फाइनल मैच था.
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मैच के बाद सूर्यवंशी ने खुलासा किया कि वह पूरी रात नहीं सो पाए थे. वह मुश्किल से एक घंटे ही सो पाए थे. उनका कहना है कि वह चाहे कितना ही नॉर्मल मैच मानने की कोशिश कर रहे थे, मगर दबाव था. सूर्यवंशी ने कहा कि यह इसलिए भी खास था, क्योंकि अंडर 19 वर्ल्ड कप कोई भी भारतीय दोबारा नहीं खेल सकता. इसीलिए भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलना और जीतना बहुत यादगार पल होता है, क्योंकि यह मौका हर किसी को नहीं मिलता.
पहला और आखिरी अंडर 19 वर्ल्ड कप
दरअसल सूर्यवंशी का यह पहला और आखिरी अंडर 19 वर्ल्ड कप था. नियम के अनुसार खिलाड़ी सिर्फ एक अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकते हैं, भले ही वह कई बार क्वालिफाई कर लें. इसी वजह से 14 साल के सूर्यवंशी को 2028 और 2030 में नहीं चुना जाएगा. सूर्यवंशी भारत की छठी वर्ल्ड कप जीत के असली हीरो साबित हुए. उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट में कमाल का प्रदर्शन किया. वैभव सूर्यवंशी फाइनल के प्लेयर ऑफ द मैच रहे. वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रहे. सूर्यवंशी ने फाइनल में 80 गेंदों में 175 ठोककर भारत की जीत पक्की कर दी थी. जबकि पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 439 रन बनाए और एक विकेट भी लिया.
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