बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने मुश्किल दौर से बाहर आकर रणजी ट्रॉफी में शतक जड़ने के अपने अनुभव साझा किए। अभिषेक पोरेल ने कहा, 'वो जो period था उस time पे मुझे बस यही, यही दिमाग में चल रहा था कि मैं कैसे निकली हूँ। खुद पे uncertainty था कि मैं आगे क्या होगा।' उन्होंने बताया कि 36 दिनों के कठिन वक्त के बाद जब बंगाल टीम के ड्रेसिंग रूम में वापसी की तो सभी साथियों और लक्ष्मी रतन शुक्ला का जबरदस्त समर्थन मिला। शतक पूरा होते ही भावनाओं पर काबू न रहने की वजह बचपन के संघर्षों और उस कठिन दौर की यादें थीं। अभिषेक ने दिल्ली कैपिटल्स, सौरव गांगुली और ऋषभ पंत के समर्थन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान सिर्फ कड़ी मेहनत करने, घरेलू सत्र में रन बनाने और भारत के लिए सभी प्रारूप खेलने के प्रोसेस पर केंद्रित है।
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