पूर्व भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को राष्ट्रीय टीम सेटअप से बाहर रखे जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा चयन समिति और मुख्य कोच के फैसलों पर बात करते हुए कहा कि शमी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए क्योंकि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है। भरत अरुण के अनुसार उम्र की तुलना में खिलाड़ी का प्रदर्शन और निरंतरता अधिक मायने रखती है। शमी ने रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलते हुए अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता साबित की है। वर्तमान में वह दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे हैं। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने भी शमी के सकारात्मक दृष्टिकोण, विकेट लेने की भूख और खेल के प्रति उनकी ऊर्जा की सराहना की। किशन के अनुसार नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न खेलने के बावजूद शमी का समर्पण प्रेरणादायक है।
ADVERTISEMENT










