दिल्ली प्रीमियर लीग में न्यू दिल्ली टाइगर्स टीम के एक युवा खिलाड़ी के चयन और उनकी बल्लेबाजी तकनीक को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। चर्चा के दौरान कहा गया कि किसी युवा खिलाड़ी को इस तरह व्यक्तिगत रूप से टारगेट करना सही नहीं है। स्टेट फ्रेंचाइजी लीग्स में प्राइवेट कॉर्पोरेट ऑनर्स और मैनेजमेंट के पास सीधे खिलाड़ियों को चुनने का प्रावधान होता है। इस प्रक्रिया के तहत फ्रेंचाइजी अपनी पसंद के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल करती हैं। ऐसे में सवाल खिलाड़ी पर नहीं, बल्कि चयन प्रक्रिया और लीग के नियमों पर होना चाहिए।
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