भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की लगातार बढ़ती चोटों और उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर समीक्षा बैठक में अहम चर्चा हुई। लगातार हो रहे मैचों और क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल को खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं की प्रमुख वजहों में माना गया। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि आगामी फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम में खिलाड़ियों को जरूरी आराम दिया जाए ताकि चोटों के बढ़ते मामलों को कम किया जा सके। इसके अलावा चोटिल खिलाड़ियों के रिहैब प्रोसेस और फिटनेस प्रोटोकॉल पर भी विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि प्रमुख गेंदबाजों की फिटनेस और रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल विभाग की कार्यप्रणाली तथा खिलाड़ियों की तेजी से वापसी के दौरान होने वाले ब्रेकडाउन को लेकर भी सवाल रखे गए। सभी पहलुओं पर गौर करते हुए खिलाड़ियों के वर्कलोड और रिकवरी मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की बात कही गई।
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