इस वीडियो में भारतीय क्रिकेट के एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने अपने संन्यास और कोचिंग के दिनों पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के पूर्व गेंदबाज के 431 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पार कर 434 विकेट लेने के बाद उन्होंने संन्यास लिया। 1994 में फरीदाबाद में एक घरेलू मैच के दौरान मांसपेशी में खिंचाव आने के बाद उन्होंने शरीर के संकेत को समझा और संन्यास का फैसला किया। उन्होंने भारतीय टीम के कोच के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल पर भी बात की और बताया कि वह मैच फिक्सिंग के दौर में कोचिंग छोड़ने और अपने जीवन का आनंद लेने के लिए तैयार थे।
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