भारतीय क्रिकेट टीम की हालिया रणनीति, कोचिंग शैली और टीम संयोजन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऑलराउंडर की कमी, लगातार प्लेइंग इलेवन में बदलाव और खिलाड़ियों के मन में असुरक्षा की भावना मुख्य चिंता का विषय बनी हुई है। हार्दिक पांड्या के विकल्प की अनुपस्थिति और इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण ऑलराउंडर खिलाड़ियों के विकास पर असर पड़ा है। पूर्ववर्ती कोचिंग कार्यकाल की तुलना में वर्तमान समय में खिलाड़ियों को स्पष्टता नहीं मिलने से प्रदर्शन प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए सही टीम संयोजन तैयार करने, शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से गेंदबाजी कराने और आठवें नंबर तक बल्लेबाजी गहराई बनाए रखने के फैसलों पर भी समीक्षा की जरूरत जताई गई है।
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