भारतीय क्रिकेट टीम में वनडे और टी20 प्रारूपों के चयन और स्थिरता को लेकर चर्चा की गई। जहां वनडे में शीर्ष सात बल्लेबाजों का ढांचा लंबे समय तक लगभग एक जैसा रहता है, वहीं टी20 में आईपीएल के प्रभाव के कारण लगातार नए विकल्प सामने आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में टी20 प्रारूप में कई खिलाड़ियों को आजमाया गया है, जबकि टेस्ट और वनडे में खिलाड़ी अपनी तय जगह पर लंबे समय तक टिके रहते हैं। आईपीएल की वजह से कप्तानी और टीम संयोजन को लेकर लगातार नई राय बनती है।
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