टीम इंडिया की वर्ल्ड कप में घटिया फील्डिंग, 4 मैच में टपकाए 15 कैच, हरमनप्रीत कौर का अब छलका दर्द

आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला टीम ने चार में से तीन मुकाबले जीते हैं, लेकिन फील्डिंग उसकी सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई है. अभी तक चार मैच में महिला टीम इंडिया 15 कैच छोड़ चुकी है.

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Harmanpreet Kaur and the Indian women's team players during the dropped catch

हरमनप्रीत कौर और कैच छोड़ने के दौरान महिला टीम इंडिया की खिलाड़ी

Story Highlights:

महिला टीम इंडिया ने चार मैचों में 15 कैच छोड़े

बांग्लादेश के खिलाफ मैच में भारतीय टीम ने सात कैच छोड़े

आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक महिला टीम इंडिया भले ही चार में से तीन मैच जीत चुकी है, लेकिन उसका प्रदर्शन पूरी तरह सराहनीय नहीं रहा है. भारतीय खिलाड़ी बल्लेबाजी में तो अच्छी लय में नजर आ रही हैं, लेकिन गेंदबाजी के बाद फील्डिंग में टीम की स्थिति चिंताजनक रही है. बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में महिला टीम इंडिया की खिलाड़ियों ने मैच की पहली 17 गेंदों में एक-दो नहीं, बल्कि चार आसान कैच छोड़ दिए. इससे सभी हैरान थे कि आखिर महिला टीम इंडिया की फील्डिंग को हुआ क्या है. इसका जवाब जब कप्तान हरमनप्रीत कौर से मांगा गया, तो वह भी कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सकीं.

पाकिस्तान के खिलाफ टपकाए तीन कैच

महिला टीम इंडिया अभी तक ग्रुप स्टेज में चार मैच खेल चुकी है. पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ तीन कैच छोड़े, लेकिन अंत में जीत हासिल कर ली. इसके बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ सिर्फ एक कैच छूटा, तो लगा कि सब कुछ ठीक हो गया है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम के सामने भारतीय खिलाड़ी फिर दबाव में आ गईं और चार कैच छोड़ दिए, जिसके चलते टीम को हार का सामना करना पड़ा.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कैच छोड़ने से मिली हार

159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की मारिज़ान कैप क्रीज पर टिकी रहीं और उनके दो आसान कैच छोड़े गए. इसका फायदा उठाते हुए मारिज़ान कैप ने 81 रन की नाबाद पारी खेली और भारतीय टीम को जीत से दूर कर दिया. इस तरह चार कैच छोड़ना महिला टीम इंडिया को इतना भारी पड़ा कि अब सेमीफाइनल की राह मुश्किल नजर आने लगी है.

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बांग्लादेश के सामने टपका दिए सात कैच

दक्षिण अफ्रीका से मिली हार का सबक भी महिला टीम इंडिया ने नहीं लिया. बांग्लादेश के खिलाफ तो फील्डिंग में हद ही हो गई. पहली 17 गेंदों में भारतीय खिलाड़ियों ने चार कैच छोड़े, जिसमें बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज जुआरिया फिरदौस को तीन जीवनदान मिले. हालांकि, फिरदौस इस मौके का पूरा फायदा नहीं उठा सकीं और 33 रन बनाकर आउट हो गईं. इसके चलते बांग्लादेश की टीम 136 रन ही बना सकी.

मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कुल सात कैच छोड़े. बांग्लादेश के खिलाफ जीत के बाद जब हरमनप्रीत कौर से कैच छूटने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि टीम इस पर काम कर रही है, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हो पा रहा है. हरमनप्रीत के जवाब से साफ है कि टीम अभी तक इस समस्या का ठोस समाधान नहीं ढूंढ सकी है.

अब एक कैच छोड़ना भी भारी पड़ सकता है

महिला टीम इंडिया की बात करें तो अभी तक चार मैचों में उसके खिलाड़ी 15 कैच छोड़ चुके हैं. क्रिकेट में कहा जाता है, "कैच पकड़ो, मैच पकड़ो." छोटी टीमों के खिलाफ भारत इस कमजोरी के बावजूद जीत हासिल कर रहा है, लेकिन 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले अंतिम ग्रुप मैच में यदि टीम ने कैच पकड़ना नहीं सीखा, तो बिना ट्रॉफी के इंग्लैंड से घर वापसी भी करनी पड़ सकती है. महिला टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो उसे हर हाल में ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा. अन्यथा उसे दक्षिण अफ्रीका के बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के खिलाफ हारने की उम्मीद करनी पड़ेगी.

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