साउथ अफ्रीका की ओपनर तजमिन ब्रिट्स ने अपने T20I करियर का पहला शतक लगाकर टीम को नेदरलैंड्स के ख़िलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक ऐसे मैच में बड़ी जीत दिला दी, जिसमें जीतना और नेट-रन-रेट बेहतर करना जरूरी था. साउथ अफ्रीका ने नेदरलैंड्स को 88 रन के बड़े अंतर से हराकर अपनी नेट रन रेट को भी सुधार लिया था. इस मैच पहले साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट -0.546 था, जो अब 0.734 हो गया है. साउथ अफ्रीका ने इसी के साथ भारतीय टीम को भी सेमीफाइनल की रेस में चुनौती दे दी है. भारत और साउथ अफ्रीका दोनों के छह छह अंक है. ऐसे में ग्रप एक से सेमीफाइनलिस्ट का फैसला नेट रन रेट के आधार पर हो सकता है.
ADVERTISEMENT
सूर्यवंशी क्या आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारत के लिए डेब्यू करेंगे?
साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए नेदरलैंड्स के सामने 209 रन का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में नेदरलैंड्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 120 रन ही बना सकी. साउथ अफ्रीका इस टूर्नामेंट में 200 रन का आंकड़ा पार करने वाली तीसरी टीम बनीं.
121 रन की साझेदारी
ओपनिंग करने उतरीं ब्रिट्स ने लॉरा वोल्वार्ड्ट के साथ मिलकर 121 रन की साझेदारी की. यह इन दोनों के बीच अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी थी, जिसने साउथ अफ्रीका को एक मज़बूत शुरुआत दी. जब वोल्वार्ड्ट 45 रन बनाकर आउट हुईं, तो एनेरी डर्कसेन ने ब्रिट्स का साथ दिया और दोनों ने तेजी से रन बनाना शुरू किया. उन्होंने 39 गेंदों पर 13.38 के रन-रेट से 87 रन बनाए और साउथ अफ्रीका के स्कोर को 208 तक पहुंचाया. ब्रिट्स ने 69 गेंदों में नाबाद 114 रन की पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए.
नेदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने टेके घुटने
इसके बाद फीबे मोल्केनबोअर और सान्या खुराना की नेदरलैंड्स की ओपनिंग जोड़ी ने 58 रन की पार्टनरशिप की, जो उनकी छठी सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप थी. जब खुराना आउट हुईं, तब तक ज़रूरी रन-रेट 12.5 प्रति ओवर तक पहुंच चुका था, इसलिए नेदरलैंड्स को एक अलग टारगेट के हिसाब से बैटिंग करनी पड़ी. मोल्केनबोअर और स्टेरे कालिस ने दूसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े, लेकिन फिर नेदरलैंड्स की पारी लड़खड़ा गई. उसने 15वें और 20वें ओवर के बीच 20 रन पर आठ विकेट गंवा दिए, जिसमें आखिरी ओवर में गिरे तीन विकेट भी शामिल थे और पारी के अंत में उनका स्कोर 8 विकेट पर 120 रन था.
ADVERTISEMENT










