India Open में कबूतर बीट, बंदर और पॉल्यूशन से मचा हंगामा, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने जानें क्या कहा ?

2026 में इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट की शुरुआत दिल्ली में हुई, लेकिन खिलाड़ियों को कोर्ट पर कबूतर जबकि स्टैंड्स में फैंस को बंदरों से परेशानी का सामना करना पड़ा.

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India Open match

इंदिरा गांधी का मैदान

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India Open : इंडिया ओपन 2026 की शुरुआत 13 जनवरी से दिल्ली में हुई।

India Open : डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने स्टेडियम को अस्वच्छ बताया

India Open : भारत में साल 2026 की शुरुआत में इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का आगाज हुआ. 13 जनवरी से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मैदान में बंदर व कबूतरों का आतंक भी देखने को मिला. इसके चलते पूरी दुनिया में इंडिया ओपन चर्चा का विषय बना, जिसके बाद अब बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने इस पूरे मामले पर स्थिति साफ कर दी है.

इंडिया ओपन टूर्नामेंट में मचा घमासान

दरअसल, इंडिया ओपन टूर्नामेंट अब तक केडी जाधव स्टेडियम में खेला जाता था, लेकिन इस बार इसे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया. इस दौरान कई बार कोर्ट पर कबूतर की बीट गिरने के कारण मैच को रोकना पड़ा. वहीं, स्टैंड्स में बंदर भी नजर आए. इसके अलावा डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने पहले ही दिन स्टेडियम परिसर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए इसे गंदा करार दिया. वहीं, वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन ने कहा कि दिल्ली के अत्यधिक प्रदूषण के कारण उन्होंने लगातार तीसरे साल इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया.

“मैं कम सांस ले रहा हूं”

पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सिंगापुर के लोह कीन यू ने इंडियन ओपन में खेलने के हालात पर कहा,

मैं कम सांस ले रहा हूं. जब हो सके, तो मास्क पहनता हूं. इसके अलावा जितना हो सके, अंदर रहने की कोशिश करता हूं, लेकिन मैं बस यही कर सकता हूं. प्रदूषण बहुत अधिक है और इसे तुरंत ठीक करने की ज़रूरत है.

बीडब्ल्यूएफ ने क्या कहा?

इंडिया ओपन के जरिए भारत की तैयारियों की पोल भी खुल गई, जबकि इसी साल अगस्त में भारत को इसी मैदान पर वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी भी करनी है. इन तमाम मुद्दों पर बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने कहा,

हमने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के हालात का रिव्यू करने के लिए खिलाड़ियों और टीमों से बात की. हमें पॉजिटिव और कंस्ट्रक्टिव फीडबैक मिला. ज़्यादातर समस्याएं मौसमी हालात से जुड़ी थीं, जैसे धुंध और ठंडा मौसम, जिसके कारण वेन्यू के अंदर हवा की गुणवत्ता और तापमान प्रभावित हुआ.

बीएफडब्ल्यू ने आगे कहा,

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में काफी बेहतर है और इसमें बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है. सफाई, हाइजीन और जानवरों पर नियंत्रण को लेकर ध्यान देने की ज़रूरत थी, जिस पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने तुरंत काम किया. बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए जरूरी फील्ड ऑफ प्ले की सभी आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी. इस हफ्ते मिली जानकारियां अगस्त में वर्ल्ड-क्लास अनुभव देने के लिए आगे के अपग्रेड में मदद करेंगी, जहां मौसमी दिक्कतें उतनी गंभीर नहीं होंगी.

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