जॉर्जियन के दो गोल की वजह से साउथ अमेरिका की दमदार टीम उरुग्वे ने घाना (Uruguay vs Ghana) के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज की. हालांकि फीफा वर्ल्ड कप 2022 (FIFA World Cup 2022) के अगले दौर में जाने के लिए यह काफी नहीं रही. घाना को हराने के बावजूद उरुग्वे के तीन मैचों में चार अंक थे. जबकि साउथ कोरिया के भी पुर्तगाल से जीत के बावजूद चार अंक ही थे. हालांकि इसके बाद दोनों टीमों का गोल डिफ़रेंस भी शून्य था. मगर साउथ कोरिया की टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2022 के अपने तीन मैचों में चार गोल किए. जबकि उरुग्वे की टीम ने अपने लीग स्टेज के पहले दो मैचों में एक भी गोल नहीं किया था. जिसमें उन्होंने एक हार और एक ड्रॉ खेला था. इस तरह उरुग्वे के दो गोल घाना के खिलाफ करने और साउथ कोरिया के चार गोल करने के चलते, कोरियाई टीम को अलगे दौर में जगह मिल गई. जबकि साल 2002 फीफा वर्ल्ड कप के 20 साल बाद पहली बार उरुग्वे की टीम को ग्रुप स्टेज में हारकर बाहर होना पड़ा. वहीं घाना की टीम साल 2010 वर्ल्ड कप के बाद एक बार फिर उरुग्वे के खिलाफ पेनल्टी को नहीं भुना पाई, जो उनके लिए अभिशाप बनी और घाना भी ग्रुप एच में हारकर बाहर हो गई.
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पेनल्टी बनी घाना की अभिशाप
कतर के अल जैनब स्टेडियम में फीफा वर्ल्ड कप के अगले दौर में जाने के लिए घाना को नहीं जीत तो इस मैच को हर हाल में ड्रॉ कराना था. हालांकि इसके उलट घाना को गोल दागने का सबसे सुनहरा मौका मिला. मैच के 16वें मिनट में ही साउथ अमेरिका से आने वाली उरुग्वे बड़ी गलती कर बैठी और उसके गोलकीपर सर्जियो रोशे पेनल्टी एरिया में फाउल कर बैठे और घाना को गोल करने के लिए पेनल्टी मिल गई.
2010 की घटना आई याद
इस तरह घाना के लिए मैच के 21वें मिनट में पेनल्टी लेने आंद्रे आयू आए और उन्होंने गोल पोस्ट के बॉटम राइट कॉर्नर की तरफ शानदार शॉट मारा लेकिन उरुग्वे के गोलकीपर ने बेहतरीन प्रयास से पेनल्टी को रोक लिया और घाना की टीम एक बार फिर से उरुग्वे के खिलाफ पेनल्टी करने से चूक गई. पिछली बार साल 2010 वर्ल्ड कप में भी घाना के खिलाड़ी उरुग्वे के खिलाफ पेनल्टी मिस कर गए थे. जिसके चलते क्वार्टरफाइनल से हारकर घाना को बाहर होना पड़ा था. वहीं पेनल्टी उरुग्वे के खिलाफ घाना के लिए फिर से अभिशाप बनी रही.
जॉर्जियन ने दागे दो गोल
इस तरह पेनल्टी बचने के बाद उरुग्वे के खिलाड़ियों ने घाना के खेमे पर हमला करना शुरू किया और मैच के 26वें मिनट में पेनल्टी से ठीक पांच मिनट बाद जॉर्जियन डे एरेस्कायिता ने मैच का पहला शानदार गोल करके उरुग्वे को 1-0 से बढ़त दिला दी. हालांकि उनका जोश एक गोल करने के बाद भी कम नहीं हुआ और पहले हाफ में ही मैच के 32वें मिनट में लुईस सुआरेज के पास पर जॉर्जियन ने जलवा दिखाया और मैच का व अपना दूसरा गोल उरुग्वे के लिए कर डाला. अब 2-0 से आगे होने के बाद उरुग्वे की टीम ने मजबूत डिफेंस का नजारा पेश किया और पहले हाफ में एक भी गोल नहीं खाया.
दूसरा हाफ
मैच के पहले हाफ में 2-0 से आगे होने के बाद मजबूत उरुग्वे ने एक बार फिर से घाना को घेरना शुरू कर डाला. हालांकि इस बार घाना के मजबूत डिफेंस ने उरुग्वे को एक भी गोल दागने नहीं दिया. घाना के गोलकीपर लॉरेंस गोल पोस्ट के सामने दीवार बन कर खड़े हो गए और उरुग्वे को एक भी गोल दागने नहीं दे रहे थे. इसका आलम यह रहा कि उरुग्वे के मैच के दौरान ही अंतिम समय के नजदीक साउथ कोरिया ने पुर्तगाल को मैच में 2-1 से हरा दिया. अब उरुग्वे को मैच के अंतिम समय में अगले दौर में जाने के लिए दो और गोल की दरकार थी मगर उसके खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सके. जिसके चलते घाना के खिलाफ अंतिम सीटी बजने के साथ 2-0 की जीत के बावजूद उरुग्वे के खिलाड़ियों की आखों में वर्ल्ड कप से बाहर होने के चलते आंसू आ गए.
उरुग्वे ने दागे 12 शॉट्स
पूरे मैच के दौरान उरुग्वे के खिलाड़ियों ने घाना से अधिक कुल 12 शॉट्स लगाए. जिसमें से 7 शॉट टारगेट पर भी लगे लेकिन उन्हें दो ही गोल मिले. वहीं घाना ने 10 शॉट्स लगाए मगर एक भी गोल नहीं कर सके. इस तरह घाना के लिए उरुग्वे के सामने फीफा वर्ल्ड कप में पेनल्टी पर गोल ना कर पाना फिर से अभिशाप बना और 2010 में जिस पेनल्टी के कारण घाना को वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा था. ठीक उसी तरह से घाना को एक बार फिर पेनल्टी ना भुना पाने के चलते कहीं ना कहीं बाहर भी होना पड़ा.
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