फीफा वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दूसरी बार अर्जेंटीना की टीम खिताब नहीं जीत सकी. स्पेन की टीम ने अपने ताबड़तोड़ खेल से लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना टीम के धागे खोल दिए. अर्जेंटीना की टीम पूरे मैच के दौरान यानी 120 मिनट के खेल में सिर्फ एक शॉट ही ऑन टारगेट लगा सकी. जबकि बाकी समय वह सिर्फ डिफेंड करती नजर आई. इस तरह मैच में कुछ भी नहीं कर पाने और फिर फाइनल हारने के बाद मेसी की टीम के मिडफील्डर लिआंड्रो परेडेस ने अंतिम सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी पर हाथ छोड़ दिया और उसका गला भी पकड़ लिया. इससे मैदान एक अखाड़े में तब्दील हो गया. मैच खत्म होने के बाद भी रेफरी ने परेडेस को रेड कार्ड दिया.
ADVERTISEMENT
स्पेन के जीतने पर आपा खो बैठे परेडेस
दरअसल, जैसे ही मैदान में फाइनल सीटी बजी, उसके साथ ही स्पेन के खिलाड़ियों सहित पूरी दुनिया में स्पेन के फैंस जश्न मनाने लगे. इसके बाद स्पेन की टीम जैसे ही जश्न मनाने के लिए दौड़ी, तो अर्जेंटीना के परेडेस अपना आपा खो बैठे और उनकी निराशा अचानक गुस्से में तब्दील हो गई. परेडेस ने पहले तो स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया से बहस के बाद उनका गला पकड़ लिया. जबकि इस बीच-बचाव में गावी आए तो परेडेस ने उनके चेहरे पर भी हाथ दे मारा. जिससे मैदान अखाड़े जैसा लगने लगा और लात-घूंसे भी बरसे.
मेसी के कदमों वाली घास बेचकर 90 करोड़ कमाएगा FIFA! 3 लाख में बिकेगा एक टुकड़ा
अर्जेंटीना दिल भी नहीं जीत सका
स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के बीच फाइनल जीतते ही तगड़ी फाइट हुई तो मैदान पर अर्जेंटीना के मैनेजर लियोनेल स्कालोनी भागते हुए आए और उन्होंने मामले को शांत कराया. जबकि मैच रेफरी ने खेल समाप्त होने के बाद भी परेडेस को उनके हिंसक और अनुशासनहीन व्यवहार के लिए रेड कार्ड दिया. जबकि पूरी दुनिया में मेसी की अर्जेंटीना टीम के खिलाड़ियों की थू-थू भी हो रही है और परेडेस को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है. यही कारण है कि फाइनल में हार के बाद भी अर्जेंटीना के खिलाड़ी दिल नहीं जीत सके. जबकि स्पेन ने 1-0 की जीत के साथ साल 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप का खिताब जीता और उनके फुटबॉल को कोई टीम टक्कर नहीं दे सकी.
लामिन और यमाल हैं दोस्त, 16 साल की मां और एहसान से मिला नाम, जानें मामला
ADVERTISEMENT











