90 मिनट में 15 बार रोका गोल, क्यूरोसाऊ के गोलकीपर ने अपने दूसरे मैच में बनाया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

एलॉय रूम ने अपने दूसरे ही मैच में रेगुलर टाइम में सबसे ज़्यादा शॉट्स बचाने का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड बना लिया. 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए रूम का यह प्रदर्शन 1966 के बाद से वर्ल्ड कप मैच में किसी गोलकीपर द्वारा किए गए दूसरे सबसे ज़्यादा गोल बचाने का रिकॉर्ड भी बन गया.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

एलॉय रूम ने रेगुलर टाइम में सबसे ज़्यादा शॉट्स बचाने का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड बनाया. (PC: Getty)

Story Highlights:

एलॉय रूम ने रेगुलर टाइम में सबसे ज़्यादा शॉट्स बचाने का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड बनाया.

क्यूरोसाऊ को हासिल किया पहला वर्ल्ड कप पॉइंट

जर्मनी के हाथों 1-7 की करारी हार के साथ FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभ‍ियान का आगाज करने के कुछ ही दिनों बाद क्यूरोसाऊ ने अपने गोलकीपर एलॉय रूम की बदौलत टूर्नामेंट में वापसी की. कैनसस सिटी स्टेडियम में इक्वाडोर के खिलाफ ग्रुप E के मैच में 37 साल के गोलकीपर ने शानदार खेल दिखाया और मैच बिना किसी गोल के ड्रॉ रहा. नेदरलैंड्स में जन्में इस गोलकीपर ने इक्वाडोर के लगातार हमलों और कुल 27 शॉट्स का डटकर सामना किया.

कौन हैं गैंगस्टर के चंगुल से बच निकलकर नेदरलैंड्स को जीत दिलाने वाले ब्रॉबी?

अपने दूसरे ही मैच में उन्होंने रेगुलर टाइम में सबसे ज़्यादा शॉट्स बचाने का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड बना लिया. 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए रूम का यह प्रदर्शन 1966 के बाद से वर्ल्ड कप मैच में किसी गोलकीपर द्वारा किए गए दूसरे सबसे ज़्यादा गोल बचाने का रिकॉर्ड भी बन गया. 15 शॉट्स बचाकर मियामी FC के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन की बदौलत क्यूरोसाऊ को अपने दूसरे ही मैच में पहला वर्ल्ड कप पॉइंट मिल गया. अगले शुक्रवार को फाइनल लीग स्टेज राउंड में आइवरी कोस्ट के ख़िलाफ जीत उन्हें नॉकआउट में जगह बनाने का शानदार मौका दिला सकती है. 

दूसरे मैच में वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

रूम के 15 सेव ने पेरू के गोलकीपर रामोन क्विरोगा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 1978 वर्ल्ड कप में नेदरलैंड्स के खिलाफ 13 सेव किए थे. उनसे बेहतर रिकॉर्ड सिर्फ़ अमेरिका के पूर्व गोलकीपर टिम हॉवर्ड का है, जिन्होंने 2014 वर्ल्ड कप में बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ़ 16 मैच में 16 सेव किए थे. इनमें से 12 सेव रेगुलर टाइम में हुए थे. 


नेदरलैंड्स के निजमेजेन में जन्में रूम ने एरेडिविसी क्लब विटेसे की अकादमी से ट्रेनिंग ली. नेदरलैंड्स के लिए U20 लेवल पर एक मैच खेलने के बाद उन्होंने 2015 में कुराकाओ के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया और इस कैरेबियाई देश के सबसे सीनियर स्टार्स में से एक बन गए. रूम ने तत्कालीन नेशनल टीम कोच पैट्रिक क्लुइवर्ट से बातचीत के बाद अपनी नेशनैलिटी बदलने का फैसला किया. क्लुइवर्ट एक अनुभवी डच स्ट्राइकर थे, जिनका अपनी मां के ज़रिए क्यूरोसाऊ से भी कनेक्शन था. 

विरोधी ख‍िलाड़ी से बात करते हुए मुंह पर रखा हाथ तो रेफरी ने किया बाहर, Video

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share