फीफा ने फोलारिन बालोगुन पर लगे बैन को लेकर चौंकाने वाला फैसला लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फीफा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीन फोन कॉल्स के बाद बालोगुन पर लगे एक मैच के बैन को हटा दिया है. इससे अमेरिकी स्ट्राइकर बालोगुन सोमवार का FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के ख़िलाफ खेलने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि इस घटना ने टूर्नामेंट के सबसे बड़े विवादों में से एक को जन्म दे दिया.
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ट्रंप ने बालोगुन को बाहर किए जाने के फैसले की समीक्षा के लिए FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो को व्यक्तिगत रूप से फोन किया था. द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप पिछले बुधवार से तीन बार फोन कर चुके थे. एसोसिएटेड प्रेस और CBS न्यूज ने भी रिपोर्ट किया कि स्ट्राइकर को रेड कार्ड मिलने के बाद लगे अनिवार्य सस्पेंशन को FIFA के हटाए जाने से पहले ट्रंप ने इसमें दखल दिया था.
विरोधी खिलाड़ी को किया था चोटिल
टूर्नामेंट में तीन गोल के साथ अमेरिका के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में 2-0 से मिली जीत के दौरान मैदान से बाहर भेज दिया गया था. उन्होंने डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच के टखने पर अपने जूते के स्टड से चोट पहुंचाई थी. VAR रिव्यू के बाद इस फैसले को सही ठहराया गया, जिसका मतलब था कि वह बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 का मैच नहीं खेल पाएंगे.
ट्रंप ने किया फैसले का स्वागत
हालांकि रविवार को FIFA ने घोषणा कर दी कि सस्पेंशन तुरंत लागू नहीं किया जाएगा, जिससे बालोगुन टूर्नामेंट में यूनाइटेड स्टेट्स के अब तक के सबसे बड़े मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने लिखा कि सही काम करने और एक बड़े अन्याय को पलटने के लिए FIFA का धन्यवाद.
आर्टिकल 27 का इस्तेमाल
FIFA ने FIFA डिसिप्लिनरी कोड के आर्टिकल 27 का इस्तेमाल करते हुए मैच सस्पेंशन को एक साल की प्रोबेशनरी अवधि के लिए रोक दिया है. अगर प्रोबेशन की अवधि के दौरान बालोगुन इसी तरह की और इतनी ही गंभीर कोई और गलती करते हैं, तो सस्पेंशन हटा लिया जाएगा और सजा लागू कर दी जाएगी. साथ ही नई गलती के लिए कोई अतिरिक्त सज़ा भी दी जा सकती है.
FIFA ने बालोगुन का रेड कार्ड रद्द नहीं किया. इसकी बजाय उसने एक मैच के बैन को टाल दिया. इसका मतलब है कि यह बैन तभी लागू होगा जब वह एक साल के प्रोबेशन पीरियड के दौरान वैसी ही कोई गलती करेंगे. बालोगुन का यह मामला क्रिस्टियानो से काफी जुड़ा है. फीफा ने ठीक ऐसा ही फैसला रोनाल्डो के मामले में भी लिया था. रोनाल्डो को रेड कार्ड के कारण मिले तीन मैचों के प्रतिबंध में से दो मैचों के बैन को एक साल के प्रोबेशन पर टाल दिया गया था, जिससे वह विश्व कप के शुरुआती मैचों में खेल सके.
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