सेनेगल ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में उस समय अपना सबसे शानदार खेल दिखाया, जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. शनिवार को टोरंटो स्टेडियम में दस खिलाड़ियों वाली इराकी टीम को 5-0 से बुरी तरह हराकर न सिर्फ सेनेगल की वर्ल्ड कप नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें ज़िंदा रहीं, बल्कि यह किसी अफ्रीकी देश की फ़ीफा वर्ल्ड कप में अब तक की सबसे बड़ी जीत भी बन गई.
ADVERTISEMENT
केप वर्डे ने रचा इतिहास, FIFA World Cup के नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा बना
सेनेगल ने एक ऐसे इरादे के साथ शुरुआत की जिसकी कमी उनके पहले दो मैचों में दिखी थी. बस चार मिनट में ही मैच का माहौल बन गया.दाईं ओर से अब्दौलाये सेक के क्रॉस पर हबीब डियारा ने बैक पोस्ट पर सबसे ऊंची छलांग लगाई और ज़ोरदार हेडर से गेंद को कोने में पहुंचाकर अलीउ सिसे की टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई. इराकी टीम का डिफेंस पूरी तरह बिखरा हुआ था और 13वें मिनट में स्थिति और भी खराब हो गई, जब रेबिन सुलाका ने बॉक्स के ठीक बाहर साडियो माने को गिरा दिया. VAR रिव्यू के बाद रेफरी ने येलो कार्ड को रेड कार्ड में बदल दिया, जिससे इराकी टीम दस खिलाड़ियों पर आ गई, जबकि मैच में अभी 75 मिनट से ज़्यादा का खेल बाकी था.
दूसरे हाफ में बदली कहानी
मुश्किल हालात के बावजूद दस खिलाड़ियों वाली इराकी टीम ने पहले हाफ के बाकी समय में बहादुरी से मुकाबला किया. डिफेंस के तरीके में बदलाव और सब्स्टीट्यूट गोलकीपर जलाल हसन के शानदार बचाव ने स्कोर को हाफ-टाइम तक 1-0 पर बनाए रखा, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी बिल्कुल बदल गई. सेनेगल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. 56वें मिनट में क्रिस्टल पैलेस के विंगर इस्माइला सार नेलामिने कमारा के सटीक कट-बैक पर आसानी से गोल करके बढ़त को दोगुना कर दिया. इसके ठीक बाद बेंच से मैदान पर आए पापे गुये ने अपने पहले ही टच में शानदार कर्ल शॉट के साथ दूर के कोने में गोल दाग दिया.
इसके बाद 71वें मिनट में गुये ने दूसरा गोल किया. उन्होंने 132 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से ज़बरदस्त शॉट मारा, जिसे रोकने का हसन के पास कोई मौका नहीं था. 82वें मिनट में इलिमन एनडियाये ने जीत पर मुहर लगा दी. वे दाईं ओर से अंदर आए और दूर से एक ज़बरदस्त शॉट मारा जो रॉकेट की तरह नेट में जा घुसा. इस गोल ने उस जीत को और भी यादगार बना दिया जिसकी चर्चा पूरे अफ़्रीकी महाद्वीप में हुई. मौजूदा स्थिति के अनुसार सेनेगल 'बेस्ट थर्ड-प्लेस' स्टैंडिंग में पांचवें स्थान पर है और राउंड ऑफ 32 में इंग्लैंड का सामना करने की राह पर है. 1986 के बाद अपने पहले वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली इराक़ी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
ADVERTISEMENT










