बेंगलुरु के ट्रैफिक की वजह से भारत को नहीं हरा पाई पनामा की टीम? ड्रॉ मुकाबले पर कोच का बहाना

41वें मिनट में रयान विलियम्स ने मिले कई मौकों में से एक को गोल में बदला, लेकिन 68वें मिनट में ओमर वैलेंसिया ने गोल करके बराबरी कर ली.इससे पनामा उस शर्मनाक हार से बच गया जो FIFA रैंकिंग में 138वें स्थान पर मौजूद देश से हारने पर होती.

Profile

SportsTak

अपडेट:

google-icon
SportsTak Hindi

भारत ने पनामा के बीच फुटबॉल मैच 1-1 से ड्रॉ करा द‍िया था. (PC: Indian Football instagram)

Story Highlights:

भारत ने पनामा के बीच फुटबॉल मैच 1-1 से ड्रॉ करा द‍िया था.

FIFA रैंकिंग में पनामा की टीम भारत से 94 स्थान ऊपर है.

भारत ने बीते द‍िनों पनामा टीम को चौंका दिया और FIFA रैंकिंग में अपने से 94 स्थान ऊपर और हाल में वर्ल्ड कप खेल चुकी टीम के साथ मैच 1-1 से ड्रॉ कराया. 41वें मिनट में रयान विलियम्स ने मिले कई मौकों में से एक को गोल में बदला, लेकिन 68वें मिनट में ओमर वैलेंसिया ने गोल करके बराबरी कर ली.इससे पनामा उस शर्मनाक हार से बच गया जो FIFA रैंकिंग में 138वें स्थान पर मौजूद देश से हारने पर होती. पनामा के कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन इसे बहाना नहीं कहना चाहते थे, लेकिन बेंगलुरु में भारत के खिलाफ अपनी टीम की बढ़त गंवाने और मैच 1-1 से ड्रॉ होने के बाद उन्होंने टीम की तैयारी से जुड़े हालात की ओर इशारा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई. 

भारत के ख‍िलाफ ऐतिहासिक मैच के लिए ब्राजील की स्क्वॉड का ऐलान

श्री कांतिरावा स्टेडियम में मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रिस्टियनसेन ने कहा कि यात्रा और लॉजिस्टिक्स की वजह से पनामा को एक साथ ट्रेनिंग करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला, जबकि मैच के दिन बेंगलुरु के ट्रैफिक में स्टेडियम तक पहुंचने में टीम को लगभग दो घंटे लग गए.उन्होंने इस नतीजे की ज़िम्मेदारी भी ली, क्योंकि पनामा में एक पीढ़ीगत बदलाव की शुरुआत हो रही है और पांच खिलाड़ियों ने सीनियर नेशनल टीम के लिए अपना पहला मैच शुरू किया. 

ट्रैफ़िक में लगे दो घंटे 

क्रिस्टियनसेन ने कहा कि पीढ़ीगत बदलाव आसान नहीं होता.पांच खिलाड़ियों ने पहली बार शुरुआत की. इस नतीजे के लिए मैं ज़िम्मेदार हूं.सफ़र और लॉजिस्टिक्स की वजह से हमें काम करने या ट्रेनिंग करने का समय नहीं मिला,लेकिन मुझे खुशी है कि पांच नए खिलाड़ियों ने शुरुआत की. हमें इस अनुभव से सीखना होगा.

उन्होंने आगे कहा कि वो नहीं चाहते कि यह कोई बहाना लगे, लेकिन स्टेडियम पहुंचने के लिए ट्रैफ़िक में दो घंटे बस में बैठना आसान नहीं है.यहां आने-जाने और लॉजिस्टिक्स का काम भी मुश्किल था.अगली बार जब ऐसे एग्रीमेंट करें, तो ज़्यादा समझदारी दिखानी होगी. वह नहीं चाहते कि यह कोई बहाना लगे, लेकिन पिच के अंदर और बाहर चीज़ों को संभालने में सावधानी बरतनी होगी,क्योंकि हमारे खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं के हकदार हैं. 

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share