भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने देश के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने का नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस खास बातचीत में उन्होंने अपने लंबे और संघर्षपूर्ण सफर के बारे में बताया। साल 2011 से शुरू हुए इस सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना पूरा किया। उन्होंने बताया कि विदेशी कोचों के आने से टीम की रणनीति और फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। अब उनका अगला लक्ष्य आगामी वर्ल्ड कप जीतना और लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पहली कमाई, हॉकी इंडिया लीग के अनुभव और फिटनेस के महत्व पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक हॉकी में बिना बेहतरीन फिटनेस के टिके रहना असंभव है। साथ ही उन्होंने अपने मशहूर निकनेम और फुटबॉल तथा क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों से मिलने वाली प्रेरणा का भी जिक्र किया।
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