राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन स्पर्धा के दौरान भारत की ओर से पहला स्वर्ण पदक हासिल कर लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया गया। इस प्रतियोगिता में पुराने रिकॉर्ड्स तोड़ते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया गया। बातचीत के दौरान एथलीट ने अपनी इस यात्रा, वजन नियंत्रण की चुनौतियों और मानसिक संतुलन के बारे में बात की। 48 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने के लिए आहार पर कड़ा नियंत्रण और कई त्याग करने पड़े। इसके साथ ही अगले बड़े लक्ष्य के रूप में एशियन गेम्स पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई। अपने खास ओलंपिक रिंग्स वाले इयररिंग्स के बारे में बताते हुए बताया गया कि यह रियो ओलंपिक के बाद मां से मिला उपहार था। युवा पीढ़ी और महिला एथलीटों के लिए संदेश दिया गया कि खेलों में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर वर्ग में पूरी निष्ठा से मेहनत करनी चाहिए।
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