कभी क्लास के लड़कों को पीटने के लिए बॉक्सिंग सीखने वाली परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स में भारत का मेडल पक्का कर दिया है. 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट परवीन 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई है. उन्होंने उज्बेकिस्तान की मुक्केबाज सितोरा को क्वार्टर फाइनल में 5-0 से हराया. सेमीफाइनल में पहुंचते ही परवीन ने अपना मेडल पक्का कर लिया है. इसी के साथ पेरिस ओलिंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया है. फिलहाल तो परवीन की नजर गोल्ड पर है.
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हरियाणा की रहने वाले परवीन के यहां तक के सफर की बात करें तो उन्होंने क्लास के लड़कों को पीटने के लिए बॉक्सिंग सीखना शुरू किया था, मगर बाद में मेडल जीतने के बाद उन्होंने बॉक्सिंग को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था. पिछले साल वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने सफर पर बात की थी.
लड़कों को पीटना था टारगेट
उनका कहना था कि स्कूल में क्लास मॉनिटर बनने के बाद अक्सर उनकी लड़ाई हो जाती थी. वो अक्सर किसी ना किसी लड़ाई में पड़ जाती थी. कुछ फाइट में जब उन्हें क्लास के लड़कों से हार मिली तो उन्होंने बॉक्सिंग सीखने का फैसला लिया. उनका मानना था कि बॉक्सर बनने के बाद वो उन्हें पीट देगी.
मेडल से बदला लक्ष्य
सब जूनियर नेशनल में मेडल जीतने के बाद उन्हें लगने लगा कि वो क्लास के लड़कों से टकराने के लिए काफी मजबूत हो गई है, मगर एक बार और हारने के बाद वो खुद से ही कहने लगी कि बॉक्सिंग से वो नहीं पिट रहे. वो बॉक्सिंग से अपने क्लास के लड़कों को सबक तो नहीं सिखा पाई, मगर जूनियर लेवल मेडल ने उन्हें करियर की दिशा दे दी. इसके बाद वो सभी फाइट भूलकर बॉक्सिंग पर ध्यान देने लगी और आज वो भारत का मान बढ़ा रही हैं.
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