निकहत जरीन के बाद एक और भारतीय मुक्केबाज ने एशियन गेम्स में मेडल के साथ ओलिंपिक कोटा पक्का कर लिया है. 19 साल की प्रीति पवार ने 54 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में 3 बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेडलिस्ट जैना शेकेरबेकोवा को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री की. सेमीफाइनल में एंट्री के साथ प्रीति ने अपना मेडल पक्का कर लिया है. इसी के साथ उन्होंने अगले साल पेरिस में होने वाले ओलिंपिक के लिए कोटा भी हासिल कर लिया है. दरअसल बॉक्सिंग में सेमीफाइनलिस्ट को भी मेडल दिया जाता है. वहीं इस एशियाड में बॉक्सिंग ओलिंपिक के लिए एक क्वालिफायर इवेंट भी है.
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विमंस बॉक्सिंग में 20 ओलिंपिक कोटा है. 50, 54, 57 और 60 किग्रा भार वर्ग में चारों सेमीफाइनलिस्ट के लिए ओलिंपिक कोटा है. जबकि 66 और 75 किग्रा भार वर्ग में कोटा सिर्फ दोनों फाइनलिस्ट के लिए है. प्रीति के मुकाबले की बात करें तो उन्हें कजाकिस्तान की मुक्केबाज जैना से कड़ी चुनौती मिली. पहला राउंड प्रीति ने मामूली अंतर से जीता था, मगर दूसरे राउंड में उन्होंने कमाल की वापसी की. वो तीसरे राउंड में भी जैना पर भारी पड़ी. प्रीति ने 4-1 से जीत दर्ज की.
लवलीना एक कदम दूर
प्रीति से पहले वर्ल्ड चैंपियन निकहत ने 50 किग्रा के सेमीफाइनल में एंट्री करने के साथ ही ओलिंपिक कोटा भी हासिल किया. अभी तक दो भारतीय महिला मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स में ओलिंपिक कोटा हासिल कर लिया है. अब हर किसी की नजर ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन पर है. उन्होंने भी विमंस 66-75 किग्रा के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. लवलीना ने कोरिया की सुओन सेओंग को 5-0 से हराया. हालांकि वो अभी तक ओलिंपिक कोटा हासिल नहीं कर पाई. उन्हें कोटा हासिल करने के लिए फाइनल में जगह बनानी होगी.
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