राजेश्वरी कुमारी ने भारत को एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल दिला दिया. राजेश्वरी ने विमंस ट्रैप टीम इवेंट का सिल्वर जीता. वो भी अपने पिता की तरह देश का मान बढ़ाने में कामयाब रही. राजेश्वरी ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर सिंह की बेटी हैं. रणधीर खुद अपने जमाने के कमाल के निशानेबाज रह चुके हैं. रणधीर एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय थे. उन्होंने 1978 एशियाड में ये कमाल किया था.
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उनकी बेटी राजेश्वरी ने भी पिता की राह चुनी और उनकी तरह कमाल भी कर दिया. उन्होंने मनीषा और प्रीति के साथ मिलकर कुल 337 का स्कोर किया और भारत के खाते में सिल्वर मेडल डाला. जीत के बाद रणधीर सिंह ने कहा कि बतौर पिता बेटी के मेडल से काफी खुश हैं और काफी उत्साहित भी हैं. राजेश्वरी का सपना ओलिंपिक में मेडल जीतना है. उन्होंने बेटी को सलाह दी कि वो मेहनत करना जारी रखे और शूटिंग का लुत्फ उठाए.
फीवर से जूझ रही थी राजेश्वरी
वहीं राजेश्वरी ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. पिछले तीन दिन से उन्हें फीवर था, मगर डोलो ने उन्हें यहां बचा लिया. उन्होंने कहा कि टीम इवेंट में आपको मोटिवेशन मिलता है. उन्होंने जीत का क्रेडिट कोच और फिजियो को दिया. जो हर समय उनके साथ खड़े रहे. भारतीय शूटर्स ने इस एशियाड में कमाल कर दिया. भारत ने 7 गोल्ड सहित अभी तक कुल 21 मेडल जीत लिए और अभी शूटिंग में 3 मेडल और आने की संभावना है. इस एशियाड में शूटर्स के प्रदर्शन से रणधीर भी काफी खुश हैं.
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