बीते दिनों आइची -नागोया 2026 में एशियन गेम्स में सिंगल में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला स्क्वॉश खिलाड़ी बनने वाली 18 साल की अनाहत सिंह का शानदार सफर जारी है. अब उन्होंने आठ बार की विश्व विजेता को धूल चटा दी है और वो भी महज 30 मिनट में. ये उनके करियर की सबसे बड़ी जीत में से है. अनाहत ने रेडवुड सिटी में आयोजित 'सिलिकॉन वैली ओपन' में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने आठ बार की विश्व चैंपियन नूर अल-शेरबिनी को महज 30 मिनट में 11-8, 11-8, 11-7 से हरा दिया. विश्व रैंकिंग में तीसरे नंबर पर मौजूद टॉप-सीडेड मिस्र की खिलाड़ी ने निकोल डेविड के सबसे ज्यादा विश्व खिताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी हैं. उनके खिलाफ इस सीधी जीत ने अनाहत को 143,500 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले 'PSA गोल्ड' इवेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया है. यह अनाहत के प्रोफेशनल करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत है.
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सानिया के 22 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली कौन हैं 17 साल की खिलाड़ी?
13 मार्च 2008 को दिल्ली में जन्मीं अनाहत स्क्वॉश की दुनिया में बहुत तेजी से आगे बढ़ी और फिलहाल दुनिया की टॉप 15-17 खिलाड़ियों में शामिल हैं. 2026 की शुरुआत में वह भारत की पहली वर्ल्ड जूनियर चैंपियन बनीं. 2010 के बाद से वह मिस्र के बाहर की पहली विजेता हैं. उन्होंने जापान में हुए 2026 एशियन गेम्स में महिला एकल वर्ग में ऐतिहासिक रजत पदक जीता. पूर्व वर्ल्ड नंबर एक ग्रेगरी गॉल्टियर, सौरव घोषाल और स्टीफन गैलिफी की देखरेख में ट्रेनिंग लेने वालीं अनाहत 2023 में प्रोफेशनल बनीं. उन्होंने अब तक कई PSA खिताब जीते हैं और टॉप 20 में जगह बनाने वाली सबसे कम उम्र की एशियाई खिलाड़ी बन गई हैं. लंबे समय तक वर्ल्ड नंबर एक रैंकिंग पर रहने वाली और चार बार ब्रिटिश ओपन जीतने वाली शेरबिनी कैलिफोर्निया में जीत की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं.
मिस्र के दबदबे को खत्म करने का दम
क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली अनाहत सिंह ने इससे पहले शुरुआती दौर में नूर अबुलमाकारिम को आसानी से हरा दिया था. इस जीत के बाद उन्होंने बताया कि वह मिस्र की इस खिलाड़ी के हर एक मैच को देखते हुए बड़ी हुई हैं. इससे पता चलता है कि जिस खिलाड़ी को वह लंबे समय से पसंद करती रही हैं, उनके खिलाफ मिली यह जीत उनके लिए कितनी मायने रखती है.
यह जीत ऐसे समय में मिली है जब स्क्वॉश 2028 के लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में अपनी शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है. अनाहत के लिए यह जीत साबित करती है कि उनमें सीनियर टूर पर खेल के दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने की क्षमता है और इससे उनकी रैंकिंग में और सुधार होने की संभावना भी मजबूत होती है. 20 से 24 अक्टूबर तक आयोजित 'सिलिकॉन वैली ओपन' में एक नई पीढ़ी देखने को मिल रही है, जो मिस्र के खिलाड़ियों के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने में सक्षम है.
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