पंजाब सरकार राज्य के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और विदेशी व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल (IBPC) के प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक बैठक की. बैठक में पंजाब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई.
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बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के उद्योगपतियों और उद्यमियों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संबंधों को बढ़ावा देना, संयुक्त उपक्रम (Joint Ventures) स्थापित करना, निर्यात के नए अवसर तलाशना और दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी विकसित करना रहा.
अमन अरोड़ा ने बताया कि इस पहल के तहत इन्वेस्ट पंजाब और इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे. इन्वेस्ट पंजाब शारजाह के निर्माताओं, निर्यातकों और सेवा प्रदाताओं को पंजाब के संबंधित उद्योगों से जोड़ने में मदद करेगा. इसके साथ ही यूएई के बाजार में विस्तार करने की इच्छुक पंजाब की कंपनियों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
पंजाब के उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की पहल
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के पास मजबूत औद्योगिक आधार, उद्यमियों का व्यापक नेटवर्क और उत्तर भारत में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति जैसी महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और निवेशकों को शुरुआत से लेकर कारोबार स्थापित होने तक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि पंजाब अब केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी विकसित करना चाहता है. इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में दोनों क्षेत्रों की कंपनियों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.
मंत्री ने शारजाह के कारोबारी समुदाय को पंजाब आने और इन्वेस्ट पंजाब के साथ मिलकर राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का निमंत्रण भी दिया.
भारत-यूएई व्यापार समझौते से खुलेंगे नए अवसर
बैठक में भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) तथा यूएई के अन्य वैश्विक बाजारों के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों से पैदा होने वाले अवसरों पर भी चर्चा हुई.
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब और यूएई के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही पंजाब के निर्माताओं और निर्यातकों को मध्य पूर्व सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में यूएई एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार साबित हो सकता है.
शारजाह के औद्योगिक इकोसिस्टम में पंजाब के लिए संभावनाएं
बैठक के दौरान शारजाह के औद्योगिक ढांचे और वहां उपलब्ध कारोबारी अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. शारजाह में 3,000 से अधिक विनिर्माण इकाइयां, सात फ्री जोन और 18 औद्योगिक जोन मौजूद हैं, जो पंजाब के उद्योगों के साथ व्यापारिक साझेदारी और संयुक्त निवेश के लिए अवसर उपलब्ध करा सकते हैं.
इस अवसर पर इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने एक प्रस्तुति के माध्यम से पंजाब में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत किए गए सुधारों की जानकारी दी.
उन्होंने इन्वेस्ट पंजाब के सिंगल-पॉइंट फैसिलिटेशन मॉडल के बारे में भी बताया, जिसके तहत फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को नियामक मंजूरियों, निवेश संबंधी सुविधाओं और कारोबार स्थापित होने के बाद भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है.
संयुक्त उपक्रम और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से पंजाब और शारजाह के उद्योगों के बीच कारोबारी संपर्क, संयुक्त उपक्रम, निर्यात और बाजार तक पहुंच के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है. इससे पंजाब के उद्यमियों को वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं.
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब और यूएई के बीच औद्योगिक एवं व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने से दोनों क्षेत्रों के उद्यमियों को पारस्परिक लाभ मिलेगा और राज्य के उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर पर विस्तार की नई संभावनाएं विकसित होंगी.
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