पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की सबसे बड़ी कुंजी हैं, शिक्षक. किताबें, इमारतें और तकनीक तब तक असर नहीं दिखा सकतीं, जब तक कक्षा में पढ़ाने वाला शिक्षक मजबूत और प्रेरित न हो. इसी सोच के साथ पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भारत और विदेशों के बेहतरीन संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजना. यह पहल सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक गुणात्मक बदलाव लेकर आई है.
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कहां-कहां प्रशिक्षण के लिए भेजे गए शिक्षक
पंजाब सरकार ने अपने शिक्षकों को उन संस्थानों में भेजा है, जहां दुनिया की सबसे आधुनिक शिक्षा पद्धतियां अपनाई जाती हैं. इनमें शामिल हैं:
- भारत के प्रमुख आईआईएम और आईआईटी
- देश के अग्रणी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान
- सिंगापुर, फिनलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों के शिक्षा विश्वविद्यालय
- यहां शिक्षकों को सिर्फ विषय नहीं, बल्कि यह भी सिखाया गया कि बच्चों को कैसे सोचने, समझने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया जाए.
अब तक कितने बैच भेजे गए
अब तक पंजाब से कई बैचों के शिक्षक इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं. हर बैच में अलग-अलग विषयों के शिक्षक शामिल होते हैं, विज्ञान, गणित, अंग्रेज़ी, सामाजिक विज्ञान और स्कूल लीडरशिप तक.
हर बैच जब वापस लौटता है, तो उसके साथ नई सोच, नई तकनीक और नई ऊर्जा भी लौटती है.
कक्षाओं में क्या बदला?
प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों की पढ़ाने की शैली में बड़ा बदलाव आया है.
अब:
- रटने की जगह समझाने पर जोर
- सवाल पूछने को बढ़ावा
- प्रोजेक्ट, चर्चा और गतिविधियों से पढ़ाई
- स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल हो रहा है.
एक छात्र ने कहा,
अब हमारी क्लास में टीचर सिर्फ बोलते नहीं, बल्कि हमें भी बोलने देते हैं. पढ़ाई अब मजेदार हो गई है.
प्रशिक्षित शिक्षक क्या कहते हैं?
एक शिक्षक, जो विदेश में प्रशिक्षण लेकर लौटे, बताते हैं,
हमने देखा कि दूसरे देशों में बच्चों को कैसे आत्मविश्वास के साथ सिखाया जाता है. वहां बच्चे डरते नहीं, बल्कि खुलकर सवाल पूछते हैं. अब हम भी वही तरीका अपनाते हैं.
एक अन्य शिक्षक ने कहा:
“पहले हम सिर्फ सिलेबस पूरा करते थे. अब हम बच्चों को जीवन के लिए तैयार कर रहे हैं.”
सरकारी स्कूलों की छवि बदली
इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि सरकारी स्कूलों की छवि बदलने लगी है. पहले जिन माता-पिता को निजी स्कूलों पर भरोसा था, अब वे सरकारी स्कूलों की ओर भी देखने लगे हैं.
बच्चों के:
- रिज़ल्ट बेहतर हुए हैं
- आत्मविश्वास बढ़ा है
- प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने लगी है
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का नजरिया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा है:
अगर हमें पंजाब के बच्चों को दुनिया से मुकाबला करना सिखाना है, तो हमें पहले उनके शिक्षकों को दुनिया के स्तर का बनाना होगा. शिक्षक मजबूत होगा, तो देश मजबूत होगा.
उन्होंने इसे शिक्षा में सबसे महत्वपूर्ण निवेश बताया है.
शांत लेकिन गहरी शिक्षा क्रांति
शिक्षक प्रशिक्षण योजना कोई दिखावटी योजना नहीं है. यह कक्षाओं के अंदर चुपचाप एक शिक्षा क्रांति ला रही है.
आज पंजाब का शिक्षक:
- आत्मविश्वासी है
- आधुनिक है
- और बच्चों के सपनों को समझता है
यही कारण है कि पंजाब की सरकारी शिक्षा व्यवस्था आज देश के लिए एक मिसाल बनती जा रही है.
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