14 साल की उम्र में इस भारतीय ख‍िलाड़ी ने तोड़ द‍िया सान‍िया मिर्जा का ऑल टाइम रिकॉर्ड, इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम

जेन्सी कनाबर किसी प्रोफ़ेशनल सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला टेन‍िस खिलाड़ी बन गई हैं.

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कनाबर ने 11 द‍िन के अंतर से सान‍िया मिर्जा का रिकॉर्ड तोड़ा. (PC: Gujarat State Tennis Association/ Getty)

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जेन्सी कनाबर 14 साल पांच महीने की है.

कनाबर ने 11 द‍िन के अंतर से सान‍िया मिर्जा का रिकॉर्ड तोड़ा.

जेन्सी कनाबर ने महज 14 साल और पांच महीने की उम्र में अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया है. वह किसी प्रोफ़ेशनल सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला टेन‍िस खिलाड़ी बन गई हैं. इसी के साथ उन्होंने सानिया मिर्जा के नाम दर्ज 25 साल पुराने एक रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भारत की महान टेन‍िस ख‍िलाड़ी सान‍िया मिर्जा ने 14 साल पांच महीने 11 द‍िन की उम्र में प्रो सिंगल्स क्वार्टरफ़ाइनल में जगह बनाई थी. 

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अपने दूसरे ही ITF टूर्नामेंट में खेलते हुए कनाबर ने अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा परिपक्वता और संयम का प्रदर्शन किया. उन्होंने राउंड ऑफ़ 16 में 22 साल की संदीपती सिंह राव को 6-3, 7-5 से हराकर सबको चौंका दिया. दूसरे सेट में चार अहम सेट पॉइंट्स बचाकर उन्होंने ITF W15 नई दिल्ली इवेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. उनके अभियान की शुरुआत बेहद शानदार रही. उन्होंने राउंड ऑफ़ 32 में जया कपूर को 6-1, 6-1 से हराया. इसी लय को आगे बढ़ाते हुए कनाबर ने निडरता से शॉट लगाने के अंदाज़ को अपनी प्रभावशाली परिपक्वता के साथ जोड़ा. 

जेन्सी कनाबर का कमाल

इस साल के शुरुआत में जेन्सी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन U14 का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया था. उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की मुसेम्मा सिलेक को 3-6, 6-4, 6-1 से हराकर शानदार वापसी करते हुए यह जीत हासिल की थी. ​​3-6, 0-2 से पिछड़ने के बावजूद 14 साल की इस खिलाड़ी ने जबरदस्त धैर्य दिखाते हुए, घरेलू दर्शकों के एकतरफ़ा समर्थन के बावजूद मैच का पासा पलट दिया था. 

2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन एशिया-पैसिफिक एलीट 14 और अंडर ट्रॉफी में उनका अभियान शुरू से आखिर तक ज़बरदस्त रहा. कनाबर ने ग्रुप A में 3-0 के रिकॉर्ड के साथ टॉप किया, और शिवाली गुरुंग, जिन्यू झोउ और जोसेलिन को सीधे सेटों में हराया. इसके बाद सेमी-फ़ाइनल में उन्होंने आओई योशिदा के ख़िलाफ 7-6(3), 6-2 से जीत दर्ज की. कनाबर ने यह ऐतिहासिक ख़िताब अपने नाम किया था. 

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