भारत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, क्रिकेट, बॉक्सिंग, जूडो, कबड्डी, रोइंग, आर्चरी, टेनिस, शूटिंग, रेसलिंग समेत कुल 37 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा. इन 37 खेलों में एक खेल ऐसा भी है, जिसे भारत में आए हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है और इसके बारे में लोगों ने शायद ज्यादा भी नहीं सुना होगा. इस खेल का नाम है 'टेकबॉल'. यह खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया में होने वाले एशियन गेम्स का हिस्सा है. इस खेल और इसके खिलाड़ियों के बारे में बहुत कम जानकारी है. वे अलग-अलग और अनजान बैकग्राउंड से आते हैं.कोई डिजिटल मार्केटिंग प्लानर है, तो कोई कंटेंट मैनेजर और कोई इंजीनियर, यानी खिलाड़ियों का एक ऐसा मिला-जुला ग्रुप जो नागोया में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा. वे प्रोफेशनल और एथलीट हैं. अपने काम और खेल के बीच तालमेल बिठाते हुए उन्होंने एशियन गेम्स अपनी जगह बनाई है.
तीनों खिलाड़ियों का प्रोफेशन
इन तीनों को किसी समय टेकबॉल के बारे में पता चला और उन्हें यह खेल बहुत पसंद आया. समय के साथ उन्हें इस खेल से इतना लगाव हो गया कि वे अपने काम, परिवार और रोजमर्रा की ज़िंदगी को संभालते हुए न सिर्फ़ खेल रहे हैं, बल्कि ट्रेनिंग, कोचिंग और टेकबॉल के लिए एक कम्युनिटी भी बना रहे हैं. बेग एक डिजिटल मार्केटिंग प्लानर हैं और गोंसाल्वेस मुंबई में एक वेबसाइट के लिए कंटेंट और ऑपरेशन्स का काम करते हैं. बेंगलुरु में रहने वाले डिसूज़ा डेकाथलॉन में टेस्ट इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं.
The New Indian Express के अनुसार क्विंसी ने बताया कि उन्होंने 2022 में यह खेल शुरू किया था. उस समय अगर कोई उनसे कहता कि वह 2026 में होने वाले अगले एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे तो उन्हें नहीं लगता कि उनमें से कोई भी इस बात पर यकीन करता. उन्होंने यह खेल तब शुरू किया था जब कोई इसके बारे में जानता भी नहीं था. पिछले चार सालों से उन्हें कोई पहचान नहीं मिली है. वह यह खेल के प्रति अपने प्यार के लिए कर रहे हैं.
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