अभय सिंह के बाद अनाहत सिंह भी गोल्ड जीतने से चूक गईं, मगर इसके बाद भी अनाहत ने इतिहास रच दिया. वह एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम करने वाली भारत की पहली महिला स्क्वॉश प्लेयर बन गई हैं.अनाहत को फाइनल में मलेशिया की शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने सीधे गेमों में 11-4, 11-4, 11-7 से मात दी. इस हार के साथ ही अनाहत के हाथ से लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 का टिकट भी फिसल गया. अनाहत का मैच सिर्फ़ 27 मिनट तक चला. 18 साल की अनाहत शुरुआती दो गेम 4-11, 4-11 से हार गईं, लेकिन तीसरे गेम में उन्होंने कड़ी टक्कर दी. हालांकि तीसरा गेम भी 7-11 से गंवा दिया.एशियन गेम्स में भारत का यह 32वां मेडल है.
जुलाई 2026 में उन्होंने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश चैंपियनशिप के फ़ाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर गर्ल्स सिंगल्स का ख़िताब जीता और एक और इतिहास रचा.इस जीत के साथ ही वह यह ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी.उन्होंने इस इवेंट पर मिस्र के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को खत्म किया और 2005 में जोशना चिनप्पा के रनर-अप रहने के प्रदर्शन से बेहतर नतीजा हासिल किया. PSA टूर पर अभी दुनिया की 20वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत अब लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर फोकस करेगी.




