पंजाब की टीम रणजी ट्रॉफी का पिछले 34 साल के इंतजार कर रही है और इस इंतजार को खत्म करने की कोशिश में पंजाब ने बड़ा दांव खेला है. इसके लिए वे अपने पारंपरिक तरीके से हटकर 2026-27 के घरेलू सीजन के लिए भारत के 38 साल के तेज गेंदबाज उमेश यादव को गेस्ट प्लेयर के तौर पर साइन कर रहे हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि उमेश एसोसिएशन द्वारा साइन किए गए पहले गेस्ट प्लेयर होंगे.
खिताब दिला सकते हैं उमेश
मेहता का कहना है कि एक बॉलर के तौर पर उनकी काबिलियत साबित हो चुकी है. उन्होंने विदर्भ के साथ रणजी ट्रॉफी जीती है और भारत के लिए भी शानदार बॉलिंग की है.जब उनसे ऐसे खिलाड़ी को साइन करने के फैसले और इस ऐतिहासिक कदम के बारे में पूछा गया जो तीन सप्ताह में 39 साल के हो जाएंगे तो मेहता ने कहा कि हमने यह फ़ैसला रेड-बॉल क्रिकेट को ध्यान में रखकर लिया है.पंजाब ने 1992 के बाद से रणजी ट्रॉफी नहीं जीती है और हमें लगता है कि उमेश ही वो खिलाड़ी हैं जो हमें यह खिताब दिला सकते है.
उमेश को साइन करने की वजह
मेहता ने यह भी बताया कि पंजाब के तेज गेंदबाजी संसाधनों पर दबाव है, क्योंकि गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह के इंडिया की ड्यूटी पर बाहर रहने की उम्मीद है.उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी जब भी उपलब्ध होते हैं तो पंजाब के लिए खेलते हैं,लेकिन गुरनूर और अर्शदीप इंडिया की ड्यूटी में व्यस्त रहेंगे और उनके जाने से पंजाब की गेंदबाजी कमज़ोर हो जाती है.यही एक वजह है कि उमेश यादव को टीम में शामिल करने का फैसला किया है.
आख़िरी बार जून 2023 में ओवल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में भारत के लिए खेलने वाले उमेश अगले एक-दो दिनों में पंजाब के रणजी ट्रॉफ़ी कैंप से जुड़ सकते हैं.पंजाब के कोच अमित उनियाल ने बताया कि वह अभी भी फ़िट हैं और भारतीय हालात में मोहम्मद शमी के साथ उमेश बहुत घातक साबित हुए थे.पंजाब रणजी ट्रॉफ़ी सीज़न का अपना पहला मैच 11 अक्टूबर से न्यू चंडीगढ़ में असम के ख़िलाफ खेलेगा.




