एशिया कप 2022 में 28 अगस्त को ग्रुप स्टेज का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा. दुबई क्रिकेट स्टेडियम में करीब 10 महीने बाद फिर से दोनों टीमें आमने-सामने होगी तब दर्शकों का जोश और टूर्नामेंट का रोमांच टॉप पर होगा. इस मुकाबले में भारतीय टीम बल्लेबाजी के नए दृष्टिकोण के साथ तैयार एक कप्तान और वापसी करने को बेताब एक अनुभवी बल्लेबाज की अगुवाई में उतरेगा. इस दौरान उसका लक्ष्य पाकिस्तान से पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में मिली हार का बदला लेने का होगा.
रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले एक दशक से सीमित ओवरों की क्रिकेट में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं लेकिन उन्हें 10 महीने पहले इसी मैदान पर टी-20 विश्वकप के दौरान पाकिस्तान से हार का करारा झटका सहना पड़ा था. भारत के यह दोनों अनुभवी बल्लेबाज अब कहानी बदलने के लिए पूरी तरह से बेताब होंगे. रोहित जहां अपने अतिरिक्त आक्रामक बल्लेबाजी रवैये को अपने इस चिर प्रतिद्वंदी के खिलाफ नए आयाम देना चाहेंगे वही कोहली के लिए यह मुश्किल दौर से उबर कर फॉर्म में वापसी करने का उपयुक्त मंच होगा.
पिछले मुकाबले में जीता था पाकिस्तान
भारतीय टीम का इससे भी बड़ा लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्वकप के लिए अपनी टीम को अंतिम रूप देना होगा. भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 10 सालों से द्विपक्षीय श्रृंखलाएं नहीं खेली गई और ऐसे में वह किसी बड़े टूर्नामेंट में ही आमने-सामने होते हैं. इस तरह से हुए एक दूसरे के खिलाड़ियों के खेल से अपरिचित रहते हैं. पिछली बार जब भारत ने पाकिस्तान का सामना किया था तो उन्हें पता नहीं था शाहीन शाह अफरीदी के खेल में कितना निखार आ गया है और इसका परिणाम यह रहा भारतीय टीम को 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. अफरीदी ने अपने पहले दो ओवर में ही भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी.
कोहली-रोहित पर बड़ी पारी का दबाव
दीपक हुड्डा को भी आयरलैंड के खिलाफ पारी का आगाज करने का मौका दिया गया था लेकिन अब कोहली और केएल राहुल की वापसी हो गई है और ऐसे में इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को ही मौका मिलने की संभावना है. राहुल ने 2022 में अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. कोहली के नाम पर वेस्टइंडीज के कमजोर आक्रमण के सामने एक अर्धशतक दर्ज है जबकि रोहित शर्मा भी बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं. लेकिन यह टीम इस महत्वपूर्ण मैच में नए दृष्टिकोण के साथ उतरेगी.
पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर मजबूत
जहां तक पाकिस्तान की बात है तो उसके कप्तान और मुख्य बल्लेबाज बाबर आजम अपने पुराने दिग्गज खिलाड़ियों से अलग हैं. वह शांत चित्त खिलाड़ी है जिसका टीम को फायदा ही हुआ है. बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान शीर्ष क्रम में मजबूत जोड़ी है और उन्होंने पिछले साल भारतीय लक्ष्य को हासिल करके अपनी काबिलियत का अच्छा सबूत दिया था. नंबर तीन पर फखर जमां अपनी ठोस बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन पाकिस्तान के अन्य बल्लेबाजों में निरंतरता का अभाव है. आसिफ अली, खुशदिल शाह और हैदर अली अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी नियमित तौर पर एक जैसा प्रदर्शन नहीं किया है.
टीम इंडिया की बॉलिंग पर नज़रें
यदि पाकिस्तान को अफरीदी की कमी खलेगी तो भारत के लिए भी जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति किसी झटके से कम नहीं है. वह पीठ की चोट के कारण इस टूर्नामेंट से बाहर हैं. उनके अलावा टी-20 के विशेषज्ञ गेंदबाज हर्षल पटेल भी पसलियों की चोट के कारण नहीं खेल पाएंगे. ऐसे में भुवनेश्वर कुमार को अंतिम ओवरों में युवा अर्शदीप सिंह का साथ मिल सकता है. रवींद्र जडेजा और हार्दिक पंड्या की उपस्थिति से टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलता है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि रोहित और अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण रविचंद्रन अश्विन या रवि बिश्नोई के रूप में अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरते हैं या फिर तेज गेंदबाज अवेश खान पर ही भरोसा जताते हैं.
टीम इस प्रकार हैं.
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, युजवेंद्र चहल, रवि बिश्नोई, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, अवेश खान.
पाकिस्तान: बाबर आजम (कप्तान), शादाब खान, आसिफ अली, फखर जमान, हैदर अली, हारिस रउफ, इफ्तिखार अहमद, खुशदिल शाह, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद रिजवान, नसीम शाह, शाहनवाज दहानी, उस्मान कादिर, मोहम्मद हसनैन, हसन अली.